पटना जिला में गंगा नदी एवं उसकी सहायक नदियों के लगभग 550 घाटों पर छठव्रतियों द्वारा छठ किया जाता है। इसके अलावा पार्क एवं तालाबों में भी छठ किया जाता है। इसमें पटना नगर निगम क्षेत्र में गंगा किनारे के लगभग 102 घाट तथा करीब 45 पार्क एवं 63 तालाब शामिल है। सभी अनुमंडलों में अनुमंडल पदाधिकारियों तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों के अनुश्रवण में सभी छठ घाटों पर नागरिक सुविधाओं को उपलब्ध कराया गया है। सार्वजनिक स्थानों पर भीड़-प्रबंधन के लिए निर्धारित मापदंडों के अनुसार सभी जगह तैयारी की गई है।
विधि व्यवस्था संधारण के दृष्टिकोण से अनुमंडल स्तर से प्रतिनियुक्ति के अतिरिक्त जिला स्तर से 205 स्थानों पर दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सहित आपदा प्रबंधन की मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार किसी भी तरह की आपदा की आकस्मिकता से निपटने हेतु एनडीआरएफ की 09 टीम (270 सदस्य), एसडीआरएफ की 14 टीम (56 सदस्य), 444 गोताखोर, 323 नाव/नाविक तथा सिविल डिफेंस के 149 वोलंटियर्स तैनात किए गए हैं। दानापुर से पटना सिटी तक गंगा किनारे लगभग 100 घाटों पर 21 सेक्टर में 552 अस्थायी शौचालय, 450 अस्थायी यूरिनल, 37 चापाकल, 185 रनिंग वाटर-टैप, 400 अस्थायी चेंजिंग रूम, 13 यात्री शेड, 112 नियंत्रण कक्ष, 13 सहायक नियंत्रण कक्ष, 171 वॉच टावर तथा 103 मेडिकल कैम्प क्रियाशील है। सभी वाच टावरों पर नागरिक सुरक्षा वोलंटियर्स की प्रतिनियुक्ति की गई है। मोटर वोट के माध्यम से रिवर पेट्रॉलिंग की व्यवस्था की गई है। कुल 18 नदी गश्ती दल प्रतिनियुक्त किया गया है। 10 रिवर फ्रंट-घाट गश्ती तथा 03 स्पीड बोट गश्ती दल भी तैनात किया गया है। सुगोचर स्थलों पर महत्वपूर्ण सम्पर्क नम्बर यथा जिला नियंत्रण कक्ष, पुलिस नियंत्रण कक्ष, विद्युत, अग्निशमन, नाविक, चिकित्सा इत्यादि का प्रदर्शन किया जा रहा है। नावों का परिचालन प्रतिबंधित है। अवैध परिचालन के विरूद्ध सख़्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की संदेहास्पद सूचना 24×7 जिला नियंत्रण कक्ष (दूरभाष संख्या 0612-2219810/2219234) एवं आपात नम्बर सेवा डायल 112 पर तुरत दें। जिला स्तर से त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
