गन्ना उद्योग मंत्री श्री संजय कुमार ने कहा कि बिहार विधानसभा में पारित बजट राज्य के सर्वांगीण विकास, विशेषकर कृषि और औद्योगिक क्रांति की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह बजट मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के सुशासन मॉडल के अनुरूप है, जिसमें समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। इसमें गरीब, किसान, युवा, महिला और श्रमिक वर्ग के हितों को केंद्र में रखते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है।
गन्ना किसानों के लिए बड़े ऐलान और ‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’ का विजन
उन्होंने कहा कि बजट में गन्ना उद्योग विभाग के लिए किए गए प्रावधान राज्य के किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में क्रांतिकारी हैं। पेराई सत्र 2025-26 के लिए उत्तम एवं सामान्य किस्म के गन्ने पर ₹15/क्विंटल और निम्न किस्म पर ₹20/क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही, राज्य के किसानों को ₹10 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त मूल्य वृद्धि लाभ भी दिया जाएगा।
चीनी मिलों का पुनरुद्धार: ‘सात निश्चय-3’ के तहत “समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार” के अंतर्गत राज्य की पुरानी बंद पड़ी चीनी मिलों को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाएगा और नई चीनी मिलों की स्थापना की जाएगी।

तकनीकी विकास और बीज वितरण: मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम हेतु ₹49 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 28,000 एकड़ में गन्ने की उन्नत खेती और 7 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण अनुदानित दर पर किया जा रहा है।
भविष्य की योजनाएं: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आधुनिक टिश्यू कल्चर लैब की स्थापना और गैर-चीनी मिल क्षेत्रों के लिए गन्ना परिवहन अनुदान कार्यक्रम को मंजूरी दी गई है।
सरकार का संकल्प: मंत्री
मैं इस जनकल्याणकारी बजट के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी, उपमुख्यमंत्री द्वय एवं वित्त मंत्री जी का आभार प्रकट करता हूँ। यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि बिहार के सम्मान, अवसर और विकास का अधिकार सुनिश्चित करने वाला रोडमैप है। हमारी सरकार इसे पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ जमीन पर उतारने के लिए संकल्पित है।
