बिहार विधान सभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने बिहार दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी तथा ज्ञान, साधना, अहिंसा, करुणा एवं प्रेम की पावन भूमि है। यह वह पुण्यभूमि है जिसने युगों-युगों से समस्त मानव सभ्यता को दिशा और प्रकाश दिया है। बोधगया में भगवान बुद्ध ने अहिंसा और शांति का, वैशाली में भगवान महावीर ने त्याग और करुणा का दिव्य संदेश दिया तथा विश्व के प्रथम गणतंत्र वैशाली ने लोकतांत्रिक चेतना की अमर नींव रखी। आचार्य चाणक्य, आर्यभट्ट और नालंदा-विक्रमशिला की ज्ञान-परंपरा ने सदियों तक समस्त विश्व को नीति, विज्ञान और विद्या का अमृत पिलाया।

बिहार दिवस आधुनिक बिहार के गठन एवं गौरव का प्रतीक है। इस दिवस का उद्देश्य राज्य के गौरव को पुनर्स्थापित करना और प्रत्येक बिहारवासी के हृदय में बिहारी होने की गर्वित भावना को नई ऊर्जा से जागृत करना है। बिहार दिवस केवल उत्सव नहीं — यह उन महान विभूतियों के प्रति हमारी कृतज्ञता का पावन पर्व है जिन्होंने इस धरती को अपनी साधना, तपस्या और बलिदान से पवित्र एवं गौरवान्वित किया। यह दिवस हमें स्मरण कराता है कि हम उस महान परंपरा के गर्वित उत्तराधिकारी हैं जिसने न केवल भारत को, बल्कि समस्त मानवता को नई दिशा, नई दृष्टि और नई चेतना दी है।
आइए, इस पावन अवसर पर हम सब मिलकर संकल्प लें कि अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए और बिहार के विकास एवं उत्थान में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देते हुए हम एक विकसित, आत्मनिर्भर, सशक्त और गौरवशाली बिहार के स्वप्न को साकार करेंगे।
