विश्व जल दिवस, गंगा स्वच्छता पखवाड़ा (16–31 मार्च 2026), बिहार दिवस एवं जल महोत्सव (8–22 मार्च 2026) के समापन समारोह तथा बिहार के महान पर्व चैत्र छठ पर्व की पूर्व संध्या के पावन अवसर पर पटना स्थित गांधी घाट/एनआईटी घाट पर भव्य दीपोत्सव एवं गंगा आरती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिला पदाधिकारी सह अध्यक्ष, जिला गंगा समिति (नमामि गंगे) पटना के निर्देशानुसार गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत गंगा पूजन के साथ हुई, जिसमें विधिवत मंत्रोच्चार एवं श्रद्धा के साथ मां गंगा की आराधना की गई। इसके पश्चात सैकड़ों दीपों को प्रज्वलित कर घाट परिसर को अलौकिक प्रकाश से जगमगा दिया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आकर्षक हो उठा। गंगा आरती के दौरान उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में गंगा मैया के जयकारे लगाए, जिससे माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
गंगा स्वच्छता पखवाड़ा एवं जल महोत्सव के अंतर्गत विगत दिनों में चलाए गए विभिन्न जागरूकता अभियानों, स्वच्छता कार्यक्रमों एवं जनभागीदारी आधारित गतिविधियों की सराहना करते हुए जिला पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम. (IAS) ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक, धार्मिक एवं सामाजिक विरासत का अभिन्न अंग है। इसके संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘नमामि गंगे’ अभियान के अंतर्गत गंगा की स्वच्छता एवं संरक्षण हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इन प्रयासों की सफलता तभी संभव है जब आम जनता भी इसमें सक्रिय रूप से भागीदारी निभाए। वहीं इस कार्यक्रम के वरीय नोडल उप विकास आयुक्त श्री श्रीकांत कुण्डलिक खांडेकर ( भाप्रसे) ने कहा कि जनसहयोग से ही गंगा संरक्षण का उद्देश्य सफल हो सकता है। इस प्रकार का आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देने और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही इस कार्यक्रम के नोडल सह जिला परियोजना पदाधिकारी , जिला गंगा समिति (नमामि गंगे) ,पटना श्री दीपेन्द्र मणि ने बताया कि इस वर्ष यह सुखद संयोग है कि चैत्र छठ पूजा के पूर्व संध्या पर गंगा स्वच्छता व संरक्षण हेतु गंगा आरती व दीपोत्सव से माँ गंगा के स्वच्छता एवं निर्मलता का प्रण सभी पटनावासी ले रहे है l साथ ही आज के बिहार दिवस , विश्व जल दिवस एवं जल महोत्सव के उपलक्ष्य में बिहार ही नहीं अपितु पूरे देश व विश्व को जल संकट से बचाव के लिए जल संरक्षण नितांत आवश्यक है l

कार्यक्रम का समापन शांति, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने यह प्रण लिया कि वे गंगा की स्वच्छता एवं जल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में भी स्थापित हुआ।

इस अवसर पर श्री पवन कुमार सौरभ, राज्य परियोजना सहायक , एसपीएमजी बिहार ,बब्लू कुमार ,समस्त जिला प्रशासन के अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय नागरिकों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। सभी ने गंगा नदी की स्वच्छता, अविरलता एवं निर्मलता बनाए रखने के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान गंगा को स्वच्छ रखने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने तथा जल संरक्षण के महत्व पर विशेष रूप से बल दिया गया।
