जद (यू0) प्रदेश प्रवक्ता श्री हिमराज राम, प्रदेश प्रवक्ता श्री परिमल कुमार ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के पिछले दो दशकों का कार्यकाल आधुनिक बिहार के इतिहास में ‘स्वर्णिम युग’ के रूप में दर्ज किया जाएगा। वर्ष 2005 में सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री ने एक ऐसे बिहार की नींव रखी, जो समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित है। उनके नेतृत्व में बिहार ने न केवल बदहाल कानून-व्यवस्था के दौर को पीछे छोड़ा, बल्कि सुशासन के माध्यम से प्रदेश में भयमुक्त वातावरण स्थापित कर विकास की नई इबारत लिखी है।
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने समाज के उन वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया है, जो सदियों से उपेक्षित थे। महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में बिहार ने पूरे देश को राह दिखाई है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को आरक्षण देने के साहसिक फैसले और पुलिस बल में उनकी बड़े पैमाने पर बहाली ने राज्य के प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचे में महिलाओं की भागीदारी को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान की है। साल 2013 में पुलिस बलों में महिलाओं के दिए गए उनकी सरकार के 35 फीसदी आरक्षण की मदद से आज बिहार में महिला पुलिस बलों की संख्या देश भर में सबसे ज्यादा है।

इसके साथ ही, ‘जीविका’ के माध्यम से लाखों महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की पूरी तस्वीर ही बदल गई है। उनकी ही कोशिशों के चलते आज बिहार में करोड़ों जीविका दीदियां आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनकर अपना सुनहरा भविष्य लिख रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण के लिए दर्जनों लक्षित योजनाएं चलाकर उनके सामाजिक और आर्थिक उत्थान को सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री के ‘न्याय के साथ विकास’ के संकल्प का ही परिणाम है कि आज बिहार के सुदूर गांवों तक बिजली और आधारभूत संरचना का जाल बिछ चुका है।
सड़कों और पुलों के निर्माण ने राज्य की कनेक्टिविटी को वैश्विक मानकों के अनुरूप खड़ा किया है। आज का बिहार बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ आधारभूत ढांचे के मामले में देश के अग्रणी राज्यों को टक्कर दे रहा है। यह 21 वर्षों की अटूट तपस्या का फल है कि आज बिहार की पहचान एक प्रगतिशील और सशक्त प्रदेश के रूप में होती है।
