पिछले वर्षों में हुई बाढ़ की घटनाओं के अनुभवों के आधार पर बाढ़ से बचाव सम्बंधी सारी तैयारी करें। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, बख्तियारपुर, पटना सिटी, दीघा, खगौल एवं अनिसाबाद के कार्यपालक अभियंताओं , आपदा प्रबंधन विभाग के पदाधिकारी एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारियों के साथ संभावित बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा के क्रम में जिला पदाधिकारी श्री कुन्दन कुमार ने उक्त निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले अंचलों की सूची बना लें एवं अभी से ही बाढ़ पूर्व एवं बाढ़ के दौरान किये जाने वाले कार्यों को चिन्हित कर लें।

बाढ़ नियंत्रण से जुड़े पदाधिकारियों ने जिला पदाधिकारी को बताया कि पटना जिला अन्तर्गत चिन्हित 43 जगहों पर बाढ़ निरोधक कार्य पूरा हो चुका है। जिला पदाधिकारी ने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता को निदेश दिया कि वे संयुक्त रूप से सभी स्थलों को निरीक्षण कर लें। यदि आवश्यक लगे तो सुदृढ़ीकरण हेतु अतिरिक्त कार्रवाई भी करायें। उन्होंने कहा कि इन 43 स्थलों के अलावे उन सभी जगहों पर भी नजर रखें जहाँ पूर्व में बाँध टूटा था। इन जगहों पर भी पर्याप्त मात्रा में फ्लड फाईटिंग से संबंधित सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिला अंतर्गत बाढ़ की दृष्टि से 31 अतिसंवेदनशील एवं 181 संवेदनशील स्थलों की सूची तैयार कर ली गई है जहाँ बाढ़ संघर्षात्मक सामग्रियों के रूप में 8 लाख 58 हजार बालू भरे ई.सी. बैग एवं 2083 घन मीटर अतिरिक्त स्थानीय बालू का भंडारण किया जा रहा है। इन स्थलों पर 64093 नायलॉन क्रेट एवं 10682 जियो बैग भी उपलब्ध करा लिया गया हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ संघर्षात्मक समग्रियों में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। अभी समय है पर्याप्त संख्या में सामग्रियों को एकत्र कर लिया जाए।

जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से कहा कि फ्लड फाईटिंग से जुड़ी सामग्रियों यथा जियो बैग, ई.सी. बैग, बाँस आदि का संग्रहण उस स्थल पर करें, बाँध क्षतिग्रस्त होने पर जहाँ से उनका परिवहन आसान एवं सुगम हो। उन्होंने वाहन, जेनेरेटर अन्य सहायक सामग्रियों एवं मजदूरों की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। जिला पदाधिकारी ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से कहा कि अभी से ही झारखंड से आने वाली नदियों पर विशेष नजर रखें। इन नदियों में जल-प्रवाह की स्थिति तथा जहाँनाबाद स्थित उदेरा स्थान बराज में आने वाले जल प्रवाह के आधार पर जिला में बाढ़ से बचाव के आकलन में काफी मदद मिलेगी।
अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन ने बैठक में बताया कि पटना जिला अंतर्गत बाढ़/सुखाड़ को देखते हुए आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर अब तक 140677 लाभुकों की इन्ट्री करा ली गई है जिसमें से 138272 लाभुकों का आधार सत्यापन भी हो चुका है। जिलाधिकारी ने इसमें और तेजी लाने को कहा। जिला स्तर पर 219 पंजीकृत नाव के मालिकों के साथ एकरारनामा हो चुका है। नये पंजीकरण के लिए अंचलवार कैम्प लगाये जा रहे हैं। जिलान्तर्गत 120 शरण स्थल, 204 प्रशिक्षित गोताखोर, 401 आपदा मित्र, 543 लाईफ जैकेट, 5 इन्फलेटेबुल लाईटिंग सिस्टम, पर्याप्त संख्या में पॉलिथीन शीट्स एवं दवाएँ उपलब्ध हैं। पटना जिला में एस.डी.आर.एफ. की एक कंपनी (12 बोट एवं 36 जवान), पटना सिटी में एन.डी.आर.एफ. की दो टीम दीदारगंज बाजार समिति में पटना जिला हेतु सुरक्षित है।

कृषि विभाग द्वारा आकस्मिक फसल योजना, डीजल अनुदान एवं कृषि इनपुट अनुदान की तैयारी कर ली गई है। पशुओं के लिए दवा एवं चारा आदि की व्यवस्था भी कर ली गई है।
जिलाधिकारी द्वारा पथ, विद्युत, पी.एच.ई.डी. एवं अन्य विभागों को भी समय पूर्व सभी तैयारी कर लेने को कहा गया। बैठक में बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, उप विकास आयुक्त श्री शुभम कुमार एवं अन्य सम्बंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
