जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अंजुम आरा ने जारी बयान में कहा कि बिहार में महिला सशक्तिकरण को लेकर माननीय श्री नीतीश कुमार जी के किए कामों को मुख्यमंत्री श्री सम्राट चैधरी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार आगे बढ़ाने का काम कर रही है। इसी क्रम में राज्य मंत्रिपरिषद् की बैठक में बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 को स्वीकृति प्रदान किया जाना राज्य के भविष्य को नई दिशा देने वाला फैसला है।

यह नीति केवल पर्यावरण संरक्षण की पहल नहीं है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने का भी प्रभावी माध्यम बनेगी। राज्य सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहन खरीदने वाली महिलाओं को प्रति वाहन एक लाख रुपये तथा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला यह दर्शाता है कि सरकार महिलाओं की भागीदारी को नई अर्थव्यवस्था और आधुनिक तकनीक से जोड़ना चाहती है। इससे महिलाओं की गतिशीलता बढ़ेगी, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित होंगे तथा स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह छूट सिर्फ पैसों की नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान और भरोसे की छूट है। सरकार यह मानती है कि जब महिलाएं ड्राइविंग सीट पर बैठेगी तो परिवार और समाज दोनों की गाड़ी सही दिशा में चलेगी।
माननीय श्री नीतीश कुमार ने हमेशा महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने को अपनी राजनीति और शासन की प्राथमिकता बनाया। बिहार में पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय हो, सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था हो, जीविका दीदियों के माध्यम से लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल हो अथवा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए साइकिल एवं पोशाक योजना-इन सभी प्रयासों ने बिहार की सामाजिक तस्वीर को बदलने का काम किया है।
नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति उसी सोच का विस्तार है, जिसमें विकास का केंद्र आम नागरिक और विशेष रूप से महिलाएँ हैं। यह निर्णय स्पष्ट करता है कि बिहार सरकार केवल वर्तमान की जरूरतों को नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। हरित ऊर्जा, आधुनिक परिवहन और महिला सशक्तिकरण को साथ लेकर चलने वाली यह नीति बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा करेगी।
राज्य सरकार का यह निर्णय महिलाओं के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देगा और बिहार में पर्यावरण अनुकूल विकास माॅडल को मजबूत आधार प्रदान करेगा।
