विधानसभा के आज हुए पहले चरण के मतदान में प्रशासनिक दुरुपयोग और एनडीए समर्थकों के गुंडागर्दी के बावजूद इंडिया गठबंधन के पक्ष में 77 वाली लहर चल रही है। बिहार में बदलाव के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। जाती , वर्ग और धर्म से सबसे ऊपर उठकर लोगों ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लेकर इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों को वोट दिया है।
राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा कि आज हुए मतदान में जमकर प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। मतदाताओं को बूथ पर जाने से रोका गया। अकारण मतदान केन्द्रों पर लाठियां चलाईं गई। दलित , अति पिछड़ा और अल्पसंख्यक बहुल बूथों पर मतदान प्रक्रिया को जानबूझकर धीमा किया गया। राघोपुर एवं दानापुर जैसे विधानसभा क्षेत्रों में नाव के परिचालन पर रोक लगा दिया गया जिससे बड़ी संख्या में मतदाता अपने बूथों पर नहीं पहुंच सके। संभावित हार को देखते हुए अनेक स्थानों पर एनडीए समर्थक गुंडागर्दी पर उतर आए थे और मतदाताओं को डरा-धमका कर उन्हें मतदान केन्द्रों पर जाने से रोक रहे थे।इन सारे व्यवधान पैदा करने के बावजूद बिहार के मतदाताओं ने अपेक्षा और उम्मीद से ज्यादा बढ़-चढ़कर इंडिया गठबंधन के पक्ष में मतदान किया है। जिस प्रकार 1977 में मतदाताओं ने एकपक्षीय वोट दिया था, आज के मतदान में वही स्थिति देखने को मिली । एनडीए द्वारा चली गई सभी चालों को बिहार के मतदाताओं ने विफल कर दिया है। ठीक चुनाव के वक्त महिलाओं के खाते में भेजे गए दस हजार रुपए को तरजीह न देकर महिलाओं ने अपने बच्चों के भविष्य और पलायन को प्राथमिकता दिया है। वहीं नौजवानों ने तेजस्वी यादव के संकल्पों पर ज्यादा भरोसा किया है। भाजपा और जदयू नेताओं द्वारा तेजस्वी यादव सहित इंडिया गठबंधन के बारे में किए गए नकारात्मक टिप्पणियों की भी जबरदस्त प्रतिक्रिया मतदाताओं में देखने को मिला। वे अब घिसी-पिटी बातों को नहीं सुनना चाहते। आज के हुए मतदान ने विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी किए गए ओपिनियन पोल को पूरे तौर पर खारिज कर दिया है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि हालांकि आज विभिन्न बूथों पर प्रशासन द्वारा मतदाताओं को परेशान करने और मतदान को प्रभावित करने की भी कोशिश की गई थी इसके बाद भी लोगों में बदलाव के बयार को नहीं रोक सके।
