परिवहन सचिव श्री राजकुमार ने गुरुवार को परिवहन विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए, बल्कि सभी कार्यों को निर्धारित नियमों एवं समय-सीमा के तहत अविलंब पूर्ण किया जाए।
परिवहन सचिव ने कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सर्वाेपरि है। उन्होंने दो टूक कहा कि कार्यों को लंबित रखने वाले कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निर्देश दिया।

परिवहन विभाग की योजनाएं धरातल पर किस स्थिति में संचालित हो रही हैं, इसकी वास्तविक जानकारी प्राप्त करने के लिए परिवहन सचिव समय-समय पर स्वयं फील्ड में जाकर निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों की पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
समीक्षा बैठक के दौरान श्री राजकुमार ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। राज्य परिवहन आयुक्त श्री आशुतोष द्विवेदी ने उन्हें वाहन पंजीयन, ड्राइविंग लाइसेंस, राजस्व संग्रह, सड़क सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों तथा अन्य प्रमुख योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। परिवहन सचिव ने इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर संतोष व्यक्त करते हुए आगे और बेहतर परिणामों के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।

उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग आम जनता से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए यहां कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं है। आम नागरिकों को समय पर, सरल और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते रहें और समय-समय पर उनकी स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराते रहें, ताकि विभागीय कार्यों में गति लाई जा सके।
इस मौके पर राज्य परिवहन आयुक्त श्री आशुतोष द्विवेदी, अपर सचिव श्री प्रवीण कुमार एवं कृत्यानंद रंजन, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक श्री अतुल कुमार वर्मा सहित विभाग के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
