भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने कहा कि बिहार में प्रचंड बहुमत के साथ एनडीए की सरकार बनने के बाद पूरे राज्य में दहशत का माहौल है। सरकार गरीबों, भूमिहीनों, दलितों और फुटपाथी पर बसे लोगों के घरों को बुलडोजर से ध्वस्त कर रही है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बुलडोजर से गरीबों के घर और दुकान तोड़ने की तीखी निंदा करती है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बुलडोजर अभियान पर तत्काल रोक लगाने की मांग करती है।

भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा के शिवनंदन नगर में 120 दलित परिवारों के घर बुलडोजर से तोड़ दिए गए। ये परिवार वर्षों से बसे हुए थे। इसी तरह समस्तीपुर, मधुबनी, सीतामढ़ी, बेगूसराय सहित पूरे बिहार से बुलडोजर चलाये जाने की सूचना मिल रही है। इस तरह की कार्रवाई कहीं से उचित नहीं है। सरकार का संकल्प है कि भूमिहीनों को उजाड़े जाने से पहले उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी और पांच पांच डिसिमिल भूमि और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया जाएगा, लेकिन सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्था किये ही गरीबों को उजाड़ रही है।
भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि गरीबों और फुटपाथ पर दुकान लगाकर गुजर बसर कर रहे लोगों पर कार्रवाई संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है। सरकार इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगाए। बिहार में बुलडोजर की राजनीति नहीं चलेगी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे बुलडोजर अभियान के खिलाफ तीव्र आंदोलन चलाने का आह्वान करती है।
