राज्य में घरेलू गैस (एलपीजी), पाइपलाइन गैस (पीएनजी), पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और इनकी आपूर्ति पूर्णतः निर्बाध रूप से जारी है। यह जानकारी आज मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में संपन्न हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दी गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी प्रमुख तेल एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए, जबकि राज्य के सभी जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक में जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और अनावश्यक घबराहट में आकर गैस या ईंधन का भंडारण न करें।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) के कार्यकारी निदेशक (बिहार-झारखंड) श्री अनूप कुमार समान्तराय एवं अन्य पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि राज्य में ईंधन और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
बैठक में बताया गया कि राज्य की कुल गैस आपूर्ति का 98.5% हिस्सा घरेलू सिलेंडरों का है, जिसकी आपूर्ति निरंतर जारी है। हालांकि, वर्तमान परिस्थिति में एहतियात के तौर पर व्यावसायिक (कमर्शियल) गैस की आपूर्ति को सीमित किया गया है। जनहित को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह मुक्त रखा गया है, ताकि वहां शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
१. गैस एजेंसियों, गोदामों और वितरण प्रणाली की नियमित जांच
२. अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों और एजेंसियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
३. आम उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सभी जिलों में विशेष ‘कंट्रोल रूम’ स्थापित किए जाएंगे।
अफवाहों पर लगाम लगाने और जनता तक सटीक तथ्य पहुंचाने के लिए, मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि सभी जिलों के आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों पर सही जानकारी नियमित रूप से अपडेट की जाए। इसके अतिरिक्त, सभी जिलों में प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) और एडीएम (सप्लाई) द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिससे आम अवाम को प्रतिदिन की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जा सके एवं महत्वपूर्ण रिपोर्ट्स भी उपलब्ध करवाये जायेंगे ।
इस बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव और डीजीपी भी उपस्थित रहे ।
