सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार के अतंर्गत स्थित माननीय मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह के कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में बिहार कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित आईटी-आईटीईएस प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। इस दौरान प्रशिक्षण की गुणवत्ता, युवाओं की भागीदारी एवं रोजगारपरक परिणामों की दिशा में चल रहे प्रयासों की गहन समीक्षा की गई।

सुश्री श्रेयसी सिंह ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, प्रशिक्षुओं की भागीदारी, रोजगार से जुड़ी संभावनाओं तथा कार्यक्रमों की प्रभावशीलता की गहन समीक्षा की। इस अवसर पर माननीय मंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी एवं उद्योगोन्मुख बनाया जाना आवश्यक है।

माननीय मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों को वर्तमान समय की मांग के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने विशेष रूप से प्रशिक्षण मॉड्यूल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पाठ्यक्रम को शामिल करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान, नवाचार की क्षमता तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

बैठक में प्रशिक्षण केंद्रों की कार्यप्रणाली, प्रशिक्षुओं की उपस्थिति, प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। माननीय मंत्री ने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाया जाए।

उल्लेखनीय है कि सूचना प्रावैधिकी विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राज्य के अधिक से अधिक युवाओं को आधुनिक डिजिटल कौशल से जोड़ा जाए, जिससे वे रोजगार के नए अवसरों का लाभ उठा सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
बैठक में विभाग के विशेष सचिव श्री अरविंद कुमार चौधरी सहित बिहार कौशल विकास मिशन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
