कृषि मंत्री, बिहार राम कृपाल यादव द्वारा आज कृषि भवन, मीठापुर में डिजिटल कृषि निदेशालय का उद्घाटन किया गया। साथ ही, 12 राजकीय बीज गुणन प्रक्षेत्रों (भभुआ, धनरूआ, नवादा, खिरियावाँ, सिपाया, पिपराकोठी, पूसा, हलसी, सिकन्दरा, ओडेहारा, कुमारखण्ड एवं बुआलदह) में मॉडल कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना तथा 25 जिलों के 32 अनुमंडलों में अनुमंडल स्तरीय मिट्टी जाँच प्रयोगशाला का भी उद्घाटन माननीय कृषि मंत्री द्वारा किया गया।
कृषि ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के कुशल नेतृत्व में बिहार के किसानों के हित में कृषि विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि रोड मैप के अंतर्गत राज्य के किसानों को रियल टाईम में कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ पहुँचाने, डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर मौसमवार एवं फसलवार आच्छादन, उत्पादन और उत्पादकता का पूर्वानुमान करने, किसान आधारित सेवाओं में नवाचार लाने तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए एकीकृत डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली विकसित करने हेतु डिजिटल कृषि निदेशालय की स्थापना की गई है।

उन्होंने कहा कि यह निदेशालय कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव और पारदर्शिता लाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से किसानों के लिए डिजिटल सॉइल हेल्थ कार्ड, पौधा संरक्षण कार्यों में ड्रोन तकनीक का उपयोग, तथा डिजिटल जेनरल क्रॉप एस्टीमेशन सर्वे के तहत प्रत्येक फसल मौसम में फसल कटनी प्रयोगों का संचालन और आंकड़ों का संग्रहण किया जाएगा। इसके साथ ही, डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी यह निदेशालय तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से फसल आच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता का सटीक आकलन किया जायेगा।
माननीय कृषि मंत्री ने कहा कि डिजिटल कृषि निदेशालय का एक अन्य उद्देश्य कृषि विभाग के अंतर्गत कार्यरत विभिन्न निदेशालयों, निगमों और संभागीय कार्यालयों द्वारा संचालित योजनाओं में आवश्यक डिजिटल आधारभूत संरचना, मोबाइल एप्लीकेशन और ई-गवर्नेंस टूल्स का विकास एवं क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। यह प्रणाली न केवल योजनाओं के कार्यान्वयन की गति बढ़ाएगी, बल्कि किसानों तक सेवाओं की पहुँच भी अधिक प्रभावी बनाएगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा केन्द्र प्रायोजित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मेकेनाईजेशन योजना अंतर्गत 12 जिलों के बीज गुणन प्रक्षेत्र में मॉडल कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना की गई है। मॉडल कस्टम हायरिंग सेन्टर में संबंधित जिलों के अनुसार 25 प्रकार के उपयोगी कृषि यंत्रों उपलब्ध कराया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बीज गुणन प्रक्षेत्र के आस-पास के गाँवों के किसानों को यंत्रों की उपयोगिता पर प्रत्यक्षण एवं प्रशिक्षण कराना है। साथ ही, प्रक्षेत्रों में स्थापित मॉडल कस्टम हायरिंग सेंटर का संचालन पीपीपी मोड में किया जायेगा। आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से न केवल प्रक्षेत्रों में गुणवतायुक्त बीज उत्पादन होगा बल्कि आस-पास के गाँवों में फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता में भी बढ़ोतरी होगी।

उन्होंने बताया कि 25 जिलों के 32 अनुमंडलों में अनुमंडल स्तरीय मिट्टी जाँच प्रयोगशाला की स्थापना वित्तीय वर्ष 2025-26 में की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग में कमी लाना, मिट्टी को स्वस्थ रखना तथा कृषकों के उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि लाना है।
माननीय मंत्री ने कहा कि बिहार के किसानों के हित में कृषि विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। आधुनिक तकनीकों का समावेश, उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने एवं उपयोगी कृषि यंत्रों का किसानों के समक्ष प्रत्यक्षण से बिहार राज्य में फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने में सहायता होगी। साथ ही, किसानों के आय में भी वृद्धि होगी। मुझे पूर्ण विश्वास है कि कृषि विभाग की यह पहल किसानों के हित में कारगर सिद्ध होगा।
