प्रधान जनगणना अधिकारी-सह-जिलाधिकारी, पटना ने कहा है कि जनगणना हमारे समृद्ध लोकतंत्र को आधार प्रदान करती है। इसके आंकड़े देश के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक नागरिक जनगणना में सक्रिय रूप से भाग लें तथा स्व-गणना कर अपना पंजीकरण जरूर कराएं।
वे आज इस विषय पर आज आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना के पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं आवास गणना 2 मई, 2026 से 31 मई, 2026 के बीच होगा। इससे पहले 15 दिनों की विशेष सुविधा स्व-गणना की दी गई है। प्रधान जनगणना अधिकारी-सह-जिलाधिकारी ने कहा कि 17 अप्रैल से स्व-गणना प्रारंभ हुई है जो 1 मई तक चलेगा। आप स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाईन भर सकते हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा इसकी पूरी प्रक्रिया नागरिक प्रक्षेत्र में जारी की गई है। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि स्व-गणना में आप अवश्य भाग लें। उन्होंने जीविका, कल्याण, आईसीडीएस, शिक्षा, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, नगर निकाय सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रीय कर्मियों के माध्यम से लोगों को स्व-गणना के लिए प्रेरित करने एवं मिशन मोड में इसे पूरा कराने का निर्देश दिया।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि जनगणना जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण एवं व्यापक प्रशासनिक कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, पटना द्वारा सभी तैयारियां की गई है। पारदर्शिता एवं सटीकता बनाए रखने के उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान यह बताया जा रहा है कि अपने दायित्वों को गंभीरता से समझें और कार्य के दौरान आवश्यक सावधानियों का पालन करें। इसमें नागरिकों से विनम्र व्यवहार, गोपनीयता बनाए रखना तथा सही एवं प्रामाणिक जानकारी प्राप्त करना प्रमुख बिंदु हैं। ज़िलाधिकारी ने स्पष्ट करते हुए कहा कि जनगणना के दौरान प्राप्त सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण में किया जाएगा। जिला जनगणना कोषांग, पटना द्वारा इस कार्य की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि सभी कर्मी पूर्ण दक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जनगणना, 2027 का यह चरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर एवं त्रुटिरहित तरीके से पूरा किया जाए।

जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करें। जब भी प्रगणक उनके घर आएं, उन्हें सही एवं पूरी जानकारी दें, जिससे सटीक एवं विश्वसनीय आंकड़ों का संकलन संभव हो सके। जनगणना के आंकड़े देश के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण निर्धारक हैं, इसलिए इसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
प्रधान जनगणना अधिकारी-सह-जिलाधिकारी ने कहा कि यह जनगणना विशिष्ट एवं उल्लेखनीय है क्योंकि यह पहली ऐसी जनगणना है जिसमें जनगणना आँकड़ों का संग्रहण डिजिटल उपकरणों/माध्यमों से किया जाएगा। प्रगणकों द्वारा विशिष्ट मोबाईल एप्लिकेशन का प्रयोग करते हुए परिवारों से आँकड़ों का संग्रहण स्वयं के स्मार्टफोन पर किया जाएगा।
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जिला प्रशासन, पटना द्वारा जनगणना, 2027 के सफल क्रियान्वयन हेतु समयबद्ध एवं सुनियोजित तरीके से सभी तैयारियां की गई है। पटना जिला में कुल 46 चार्ज जनगणना अधिकारी; 12,071 प्रगणक; 2,031 पर्यवेक्षक एवं 222 फील्ड ट्रेनर प्रतिनियुक्त किए गए हैं जो जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने में सहायता प्रदान करेंगे। इसमें प्रधान जनगणना अधिकारी-सह-जिलाधिकारी, पटना के अधीन कुल चार्ज 40 है जिसमें 23 प्रखंड, 11 नगर परिषद, 05 नगर पंचायत एवं 01 छावनी परिषद, दानापुर शामिल है। 8,695 प्रगणक; 1,468 पर्यवेक्षक तथा 164 फील्ड ट्रेनर्स हैं। इसके अतिरिक्त प्रधान जनगणना अधिकारी-सह-नगर आयुक्त, पटना नगर निगम के अधीन 06 नगर अंचल चार्ज है जिसके सभी 75 वार्डों को 3,376 प्रगणक ब्लॉक में विभाजित कर प्रति प्रगणक ब्लॉक 1-1 प्रगणक (कुल 3,376 प्रगणक) नियुक्त किया गया है। इन 3,376 प्रगणकों की समीक्षा हेतु 563 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। फील्ड ट्रेनर्स की संख्या 58 है। लोगों से अपील है कि वे स्व गणना कर अपना पंजीकरण जरूर कराएं।……प्रधान जनगणना अधिकारी-सह-जिलाधिकारी, पटना
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ज़िलाधिकारी ने कहा कि जनगणना हमारे समृद्ध लोकतंत्र को आधार प्रदान करती है तथा प्रशिक्षण जनगणना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। यह जनगणना कार्य में संलग्न कर्मियों को अपने-अपने दायित्वों का पारदर्शी एवं उत्तरदायी तरीके से निर्वहन करने के योग्य बनाएगा ताकि समयबद्ध, सटीक एवं त्रुटिहीन तरीके से जनगणना कार्यों का संचालन किया जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि पटना जिला में जनगणना कार्य के सुलभ एवं सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हेतु 13-सदस्यीय जिला-स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (डीएलसीसीसी) क्रियाशील है। साथ ही कार्यों के त्वरित गति से निष्पादन हेतु जिला जनगणना कोषांग भी सक्रिय है। पदाधिकारियों को भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त का कार्यालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार एवं बिहार सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया है।
