कई ऐतिहासिक पलों का गवाह बन चुका पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान आज चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी के बीच एक और ऐतिहासिक माहौल का गवाह बना जब बिहार प्रदेश के कोने-कोने से जुटी लाखों महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि ‘हम अपना हक लेकर रहेंगे’। इस दौरान यह स्वर गांधी मैदान में बराबर गूंजता रहा और लाखों महिलाओं का उत्साह बढ़ता रहा।

भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ में आज भीषण गर्मी के बावजूद बिहार के कोने-कोने से महिलाएं पटना पहुंचीं और अपने अधिकारों की मांग को लेकर मजबूती से आवाज उठाई। लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित नहीं होने से आक्रोशित महिलाएं गांधी मैदान पहुंचीं और इसके लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेस, राजद सहित विपक्ष के सभी दलों को निशाने पर लिया।
गांधी मैदान में तापमान भले ही वृद्धि होती रही, लेकिन इस खुले मैदान में भी महिलाओं का हौसला कम नहीं हुआ। चिलचिलाती धूप में आक्रोशित महिलाएं हुंकार भरी और विपक्ष को साफ चुनौती दी कि महिलाओं के नेतृत्व के लिए आरक्षण केवल भाजपा या एनडीए का मुद्दा नहीं है, बल्कि भारत की हर उस महिला के स्वाभिमान का सवाल है जिसे सदन में अपमानित होना पड़ा।
इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित एनडीए की महिला नेत्रियों ने प्रदेश भर से जुटी महिलाओं का उत्साह बढ़ाती रहीं।
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस सम्मेलन में कहा कि इस दुनिया की शान और सम्मान है नारी। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को लेकर देश की महिलाओं में उत्साह था कि अब उन्हें भी नेतृत्व करने का मौका मिलेगा। लेकिन विपक्ष के कारण नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में पास नहीं हो सका। इस विधेयक के पास नहीं होने से नारी शक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचा। एक ओर जहां नारी शक्ति अपमानित हुई थी, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के लोग खुशियां मना रहे थे। देश की करोड़ों महिलाओं के मान, सम्मान को ठेस पहुंची थी।

उन्होंने कहा कि अगर महिला आरक्षण बिल पास हो जाता, तो बिहार विधानसभा में महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या 29 से बढ़कर कम से कम 125 हो जाती। लेकिन जिस तरह राजद और महागठबंधन ने उनके अधिकार को छीना, उसे महिलाएं बर्दाश्त नहीं कर सकतीं। इस अपमान का बदला लेने के लिए आज लाखों महिलाएं यहां आई हैं। उन्होंने कहा कि यह आक्रोश धरती पर जरूर उतरेगा।
उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बिल को पास नहीं करवा पाने के लिए देश की नारी शक्ति से माफी भी मांगी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने घोषणा करते हुए कहा कि महिलाएं राजधानी पटना के बाद जिला और प्रखंडों में भी आक्रोश मार्च निकालेंगी। विपक्ष को सबक सिखाने के लिए देश की महिलाएं तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति का अपमान ही इंडी गठबंधन की पहचान बन चुकी है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा, “जो लोग महिलाओं को उनका हक देने से पीछे हटे हैं, वह इंडी गठबंधन यह समझ लें कि यह देश की हर बेटी, हर बहन के सम्मान का सवाल है। आज उनके अपने घरों की महिलाएं भी इस अन्याय से आहत हैं.”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि यह जनाक्रोश अब सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश के हर जिलों से होते हुए हर घर-घर तक पहुंचेगा और नारी सम्मान के इस संघर्ष को जन-जन का आंदोलन बनाएगा।
इस सम्मेलन में मंच संचालन महिला आयोग की सदस्य सजल झा, प्रवक्ता प्रीति शेखर, अनामिका पासवान, सुषमा साहू, पूनम शर्मा ने किया।

इस सम्मेलन में पूर्व मंत्री लेसी सिंह, लोजपा(आर) की बेबी कुमारी, राष्ट्रीय लोक मोर्चा महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष स्मृति कुमुद, हम की विधायक ज्योति देवी, विधायक रेणु देवी, रमा निषाद, सांसद धर्मशीला गुप्ता, एमएलए गायत्री देवी, पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह, विधायक छोटी कुमारी, निशा सिंह, संगीता कुमारी, कविता पासवान, दमयंती देवी, एमएलसी निवेदिता सिंह, अनामिका सिंह पटेल, जिला परिषद अध्यक्ष स्तुति गुप्ता, मेयर सीता साहू, उप मेयर रेशमी चंद्रवंशी, जदयू नेत्री भारती मेहता, अंजुम आरा, अनुप्रिया यादव सहित बड़ी संख्या में एनडीए की महिला नेत्रियाँ उपस्थित रहीं।
