आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना श्री मयंक वरवड़े ने कहा है कि अतिवृष्टि की स्थिति में पटना में जल-निकासी की सुगम एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग एवं तत्पर रहें। वे आज आयुक्त कार्यालय स्थित सभाकक्ष में इस विषय पर आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल-जमाव पर सरकार का जीरो टॉलरेंस है। अधिकारीगण भारतीय मौसम विभाग की पूर्व सूचना के आधार पर रणनीति बनाकर कार्य करें एवं सक्रिय रहें। आगामी मॉनसून को ध्यान में रखकर सभी विभागों एवं क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारी योजनाबद्ध ढंग से काम करें। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि अतिवृष्टि की स्थिति में सामान्य जन-जीवन प्रभावित न हो यह सुनिश्चित करना सभी पदाधिकारियों का दायित्व है। इसके लिए संबंधित विभागों यथा पथ निर्माण, विद्युत, पुल निर्माण, बुडको, नगर निगम, मेट्रो, एनएचएआई, जिला प्रशासन सहित सभी हितधारकों के बीच सुदृढ़ समन्वय एवं सार्थक संवाद सुनिश्चित करें। प्रमंडलीय आयुक्त ने इन विभागों तथा एजेंसियों के अधिकारियों को मॉनसून पूर्व जल निकासी हेतु लंबित कार्यों को एक सप्ताह के अंदर पूरा करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि 15 दिन के अंदर वे इसकी पुनः समीक्षा करेंगे तथा निदेशों के अनुपालन में शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले पदाधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर विधि-सम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रमंडलीय आयुक्त ने पदाधिकारियों को यह भी निदेश दिया कि मॉनसून, 2026 व्हाट्सऐप ग्रुप को क्रियाशील रखें तथा सूचनाओं का त्वरित गति से आदान-प्रदान करें।

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प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा अधिकारियों को निदेश दिया गया किः
1. विद्युत, बुडको, मेट्रो, नमामि गंगे, गेल, बीएसएनएल सहित कोई भी विभाग या एजेंसी सड़क को नहीं काटेगी। यदि ऐसा करना कार्यहित में आवश्यक हो तथा जल निकासी में कोई अवरोध उत्पन्न नहीं हो तो संबंधित एजेंसी पथ निर्माण विभाग से विधिवत अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) प्राप्त कर ही सड़क को काटेगी एवं कार्य शीघ्र पूर्ण कर सड़क को रेस्टोर करेगी।
2. विभिन्न एजेंसियों द्वारा वर्तमान में किए जा रहे कार्यों को दिए गए समय सीमा के अंदर पूरा करें। कटे हुए सड़क को संबंधित विभाग अविलंब रेस्टोर करें।
3. उपर्युक्त आदेशों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाए तथा संबंधित कार्यपालक अभियंता/अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
4. आँधी-तूफान एवं अत्यधिक वर्षा की स्थिति में संबंधित विभाग रिस्पॉन्स टाईम को न्यूनतम रखें।
5. सभी बड़े नालों की समुचित सफाई सुनिश्चित रखें। नगर कार्यपालक पदाधिकारी रात्रि में घूमकर इसका पर्यवेक्षण करें।

6. जिला प्रशासन, पटना द्वारा शहर के नौ बड़े नालों सहित सभी छोटे-बड़े नालों के साफ-सफाई एवं उड़ाही का नियमित तौर पर सत्यापन कराया जाए। जल निकासी में कहीं भी कोई अवरोध नहीं रहना चाहिए। नालों पर अतिक्रमण बिल्कुल नहीं रहना चाहिए।
7. जैसे ही बारिश हो नगर कार्यपालक पदाधिकारी, बुडको के अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के सारे अधिकारी क्षेत्र में रहें एवं स्थिति के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करें।
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प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि जल-जमाव के मुख्य कारणों में से एक कम समय में अधिक वर्षा होना है। इसे रोकने के लिए सभी ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशन (डीपीएस) पर पम्प कार्यरत रहना चाहिए। डीपीएस में कोई भी यांत्रिक या विद्युत त्रुटि नहीं रहनी चाहिए। बिजली आपूर्ति में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। पम्प का ससमय संचालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। डीपीएस की जल निकासी क्षमता आवश्यकता के अनुरूप होनी चाहिए। नाला जाम न हो एवं नालों का ओवरफ्लो न हो, इसके साथ-साथ नालों को अतिक्रमणमुक्त रखना तथा क्षतिग्रस्त नालों की मरम्मति भी आवश्यक है। आयुक्त ने बुडको के सभी स्थायी व अस्थायी ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशनों (डीपीएस) को पूरी क्षमता से चालू रखने का निर्देश दिया। सभी पम्प, मोटर, ट्रांसफॉर्मर की मरम्मति व क्षमता वृद्धि का कार्य त्वरित पूर्ण करने को कहा गया। 24×7 निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु डेडिकेटेड व वैकल्पिक फीडर सक्रिय करने का निर्देश दिया गया। प्रमंडलीय आयुक्त ने जिलाधिकारी, नगर आयुक्त तथा बुडको के अधिकारियों को इन सभी मानकांे का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निदेश दिया।
प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को निदेशित करते हुए कहा कि मानक संचालन प्रक्रिया(एसओपी) के अनुसार जल-जमाव को रोकने के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि ’किसी भी स्थिति में कोई भी नाला अतिक्रमित’ न हो। जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीम के माध्यम से इसका सत्यापन कराया जाए। साथ ही मुख्य नालों, मैनहॉल एवं कैचपिट की उड़ाही एवं साफ-सफाई की जाँच कराएँ। पूरे ड्रेनेज नेटवर्क, पम्पिंग स्टेशन की वार्डवार जाँच कराई जाए ताकि जल प्रवाह में किसी प्रकार की बाधा न रहे। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नालों की सफाई और अतिक्रमण के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है और किसी भी लापरवाही पर त्वरित कार्रवाई होगी। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि पटना में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज हेतु निदेशों का अक्षरशः अनुपालन करें। सड़क निर्माण के दौरान मैनहॉल को ऊँचा करना तथा सभी मैनहॉल की नियमित रूप से सफाई करना, डीपीएस पर अधिष्ठापित पम्प, मोटर, ट्रान्सफॉर्मर, पैनल आदि का प्लेटफॉर्म ऊँचा करना, वर्तमान में संचालित डीपीएस पर अधिष्ठापित पम्प, मोटर, ट्रान्सफॉर्मर, पैनल आदि का क्षमता-वर्द्धन करना आदि पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि मोबाइल मरम्मति दल डीपीएस पर अधिष्ठापित पम्प, मोटर, ट्रान्सफॉर्मर, पैनल आदि की तत्काल मरम्मति हेतु सदैव उपलब्ध रहे, यह सुनिश्चित करें। निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति हेतु डेडिकेटेड सोर्स का प्रबंध सुनिश्चित करें। सभी डीपीएस पर सभी प्रकार का आवश्यक स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध रहे। अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति कर मामले का नियमित पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें।
प्रमंडलीय आयुक्त ने जल-जमाव को रोकने हेतु सभी प्रकार की आवश्यक तैयारियों को त्रुटिहीन ढंग से पूरा करने का निदेश दिया। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारियों को नियमित तौर पर स्थल निरीक्षण करने का निदेश दिया। उन्होंने जल-जमाव के दृष्टिकोण से संवेदनशील स्थानों पर विशेष ध्यान देने को कहा। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी नगर कार्यपालक पदाधिकारी के साथ नियमित समन्वय स्थापित रखें। ’स्थिति के अनुसार तुरत रिस्पॉन्ड करें। आम जनता को कोई समस्या न हो यह सुनिश्चित’ करें।
आज के इस बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त ने जल-जमाव रोकने हेतु दीर्घकालीन एवं अल्पकालीन कार्यांे में प्रगति की समीक्षा की तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कार्य प्रमंडल, बुडको द्वारा संचालित ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों का अद्यतन प्रतिवेदन तथा मॉनसून की पूर्व तैयारी, पटना नगर निगम स्थित सभी संप हाउसों के संचालन की स्थिति, मॉनसून पूर्व नालों, कैचपिट, मेनहोल तथा भू-गर्भ नालों की उड़ाही तथा साफ-सफाई, नालों पर अतिक्रमण की स्थिति, लिंक पथों की नालों की सफाई, ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत समीक्षा की। प्रमंडलीय आयुक्त ने पटना के मुख्य नाले यथा-बादशाही नाला, सर्पेन्टाईन नाला, आशियाना-दीघा नाला, नंदलाल छपरा नाला, बाकरगंज नाला, सैदपुर नाला, मंदिरी नाला, ब्रहोत्तर नाला सहित अन्य नालों पर अतिक्रमण एवं नाला उड़ाही की अद्यतन स्थिति का जायजा लिया।
आयुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन, पटना द्वारा शहर के नौ बड़े नालों सहित सभी छोटे-बड़े नालों के साफ-सफाई एवं उड़ाही की टीम बनाकर समय-समय पर जाँच करायी जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निदेश दिया कि मुख्य नालों एवं स्थलों का संयुक्त निरीक्षण किया जाए। नालों के निरीक्षण के साथ-साथ सम्पूर्ण नेटवर्क यथा ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशन, सड़क, पुल सहित पूरे कैचमेंट एरिया की जाँच कराएँ ताकि सुगम जल प्रवाह में कोई व्यवधान न हो। सारे नालों की समुचित उड़ाही हो यह सुनिश्चित करें। ’सम्पूर्ण स्ट्रेच में नालों की शत-प्रतिशत सफाई सुनिश्चित रहनी चाहिए’।
जिलाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा आयुक्त के संज्ञान में लाया गया कि पूर्व के वर्षों की भाँति इस वर्ष भी वरीय पदाधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर शहर के सभी प्रमुख नालों की जाँच करायी गई है। अद्यतन स्थिति का जायजा लेने के लिए नियमित तौर पर संयुक्त जाँच करायी जाती है।
नगर आयुक्त, पटना नगर निगम श्री यशपाल मीणा द्वारा आयुक्त के संज्ञान में लाया गया कि नगर निगम के सभी अंचलों द्वारा नालों के संबंध में नवीनतम सर्वे करते हुए कार्य योजना का निर्माण किया गया है। इसके अनुसार 03 जनवरी, 2026 से सभी अंचलों में बड़े-छोटे नालों की सफाई सहित सभी मेनहॉल तथा कैचपिट की उड़ाही का कार्य प्रारंभ किया गया था। इसे एसओपी के अनुसार ससमय पूर्ण करने की कार्रवाई की गई है। मुख्यालय स्तर पर स्थापित 24×7 नियंत्रण कक्ष से आम नागरिकों से प्राप्त होने वाले शिकायतों का ससमय निवारण किया जाता है। टॉल-फ्री नंबर 155304 एवं चौटबोट नंबर 9264447449 लगातार कार्य कर रहा है। पटना नगर निगम द्वारा शहर के डीपीएस की रियल टाईम मॉनिटरिंग की जा रही है। वाटर लेवल, पानी का फ्लो सहित अन्य प्रकार की नियमित मॉनिटरिंग की सुदृढ़ व्यवस्था है। मॉनसून के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी। मॉनिटरिंग के लिए पटना स्मार्ट सिटी की आईसीसीसी (इंटिग्रेटेड कंट्रोल एण्ड कमांड सेन्टर) से इसे कनेक्ट किया जा रहा है। नगर निगम के 75 वार्डों को 19 जोन में बांटकर मॉनसून के दौरान जल-जमाव की समस्या को रोकने के लिए क्यूआरटी की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रमंडलीय आयुक्त ने जल निकासी से संबंधित समस्या को रोकने के लिए अंतर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि बुडको, नगर निगम, मेट्रो, पथ निर्माण, विद्युत, पुल निर्माण, एनएचएआई, जिला प्रशासन सहित सभी हितधारकों के बीच में बेहतर समन्वय से जल निकासी की समस्या को रोका जा सकता है।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कार्य प्रमंडल, बुडको द्वारा संचालित ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। बुडको के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि बुडको द्वारा कुल 56 स्थायी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन संचालित है।
’अंचलवार डीपीएस क्षमतावर्धन’
1. ’अजीमाबाद – 7 डीपीएस , 33 पंप ( 30 विद्युत , 3 डीजल )’
2. ’कंकड़बाग- 7 डीपीएस, 46 पंप ( 41 विद्युत , 6 डीजल )’
3. ’बांकीपुर- 7 डीपीएस, 35 पंप ( 29 विद्युत , 6 डीजल )’
4. ’पाटलिपुत्र – 9 डीपीएस, 36 पंप ( 29 विद्युत , 7 डीजल )’
5. ’नूतन राजधानी- 26 डीपीएस, 105 पंप (95 विद्युत,10 डीजल)’
बुडको के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि बुडको द्वारा 35 अस्थायी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन का संचालन मॉनसून अवधि में पटना शहर के विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है। 108 ट्रॉली माउंटेड पम्प सेट का आवश्यकतानुसार संचालन किया जा रहा है। विभिन्न डीपीएस पर अलग-अलग क्षमता के 39 नए डीजी सेट अधिष्ठापन किया गया है। विभिन्न पम्पिंग प्लांट पर ई-सर्विलांस (सीसीटीवी कैमरा) के अधीन तीन पालियों में पर्याप्त संख्या में पम्प ऑपरेटर तथा सफाई कर्मी 24×7 कार्यरत किए गए हैं। बुडको हेडक्वार्टर पर कंट्रोल रूम से 24×7 अनुश्रवण किया जाता है। सभी डीपीएस पर सीसीटीवी कैमरा का अधिष्ठापन किया गया है एवं बुडको हेडक्वार्टर स्थित कंट्रोल रूम से इसकी सतत निगरानी की जाती है। सभी 56 डीपीएस पर मॉनसून अवधि के लिए सहायक अभियंताओं एवं कनीय अभियंताओें को तैनात किया गया है। मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं एवं कार्यपालक अभियंता को मॉनसून अवधि के लिए अनुश्रवण हेतु जोनल, सब जोनल तथा सुपर जोनल स्तर पर प्रतिनियुक्त किया गया है। सभी डीपीएस पर तीनों पाली में 24×7 संवेदक एवं बुडको के पम्प ऑपरेटर तथा सफाई कर्मी कार्यरत रहेंगे। पटना में बुडको द्वारा मॉनसून में जल निकासी के लिए यांत्रिक एवं निर्माण कार्यों के प्रबंधन हेतु पुराने प्रमंडल को तीन नए स्वतंत्र प्रमंडलों- पटना पूर्वी, पटना मध्य एवं पटना पश्चिम-में बांटा गया है। वर्ष 2026 की तैयारी हेतु पम्पों की मरम्मति एवं संपोषण कार्य किया गया है। बुडको के पम्प संचालकों, सफाई कर्मियों, इलेक्ट्रिशियन, फिटर तथा संवेदकों के लिए बायोेमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य है। जल निकासी के दीर्घकालीन उपायों के तहत पटना शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 22 नये डीपीएस के लिए निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है ताकि आवश्यकता पड़ने पर तीव्र गति से जल निकासी की जा सके। बड़े नालों का पक्कीकरण कार्य किया गया है। अधिकारियों द्वारा यह भी बताया गया कि सभी सम्प हाउसों की समुचित सफाई की गई है। प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को निदेश दिया कि डीपीएस से सभी आउटफॉल ड्रेन के समानान्तर सर्विस ड्रेन सहित सभी प्रबंध रहना चाहिए ताकि आवश्यकतानुसार नजदीक के कॉलोनी से पानी का डिस्चार्ज किया जा सके। ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन के मशीनों की मरम्मति, संपोषण एवं संधारण कार्य में कोई कोताही नहीं बरती जाए। मॉनसून की तैयारी हेतु विभिन्न डीपीएस पर पम्प, ट्रान्सफार्मर, पैनल आदि का सभी कार्य सुदृढ़ रखें। आयुक्त ने कहा कि सभी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन का समुचित संचालन हो यह सुनिश्चित करें। सभी स्टेशन पर 24×7 संचालक उपस्थित रहे। कोई संवादहीनता की स्थिति नहीं होनी चाहिए। सभी स्थायी/अस्थायी सम्प हाउस को मॉनसून के दौरान 24×7 निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु संबंधित डेडिकेटेड फीडर एवं वैकल्पिक फीडर का रख-रखाव सुनिश्चित करने का निदेश आयुक्त ने दिया।
आयुक्त ने कहा कि अतिवृष्टि की स्थिति में नागरिकों को कोई समस्या न हो इसके लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग एवं तत्पर है। आम जनता को किसी भी स्थिति में कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।
इस बैठक में आयुक्त के साथ जिला पदाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम., नगर आयुक्त, पटना नगर निगम श्री यशपाल मीणा, अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर/सिटी/दानापुर, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंतागण एवं अन्य भी उपस्थित थे।
