जिलाधिकारी, पटना के निदेश पर आज लगातार पाँचवें दिन गंगा नदी के किनारे विशेष अतिक्रमण उन्मूलन अभियान चलाया गया और असर्वेक्षित भूमि पर से अवैध संरचनाओं को हटाया गया। पटना सिटी अनुमंडल में चित्रगुप्त घाट के पास बुडको के बाउन्ड्री के बाहर 57 झोपड़ियों को हटाया गया।
कंगन घाट से मिरचाई घाट तक विशेष अतिक्रमण उन्मूलन अभियान चलाया गया तथा अतिक्रमण हटाया गया। अतिक्रमण उन्मूलन अभियान के दौरान 2 स्टॉल एवं 15 झोपड़ी को हटाया गया तथा अतिक्रमणकारियों से 1,300/- रुपये दण्ड के रूप में वसूल की गयी।
भद्रघाट से कंगनघाट तक भी अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया। अतिक्रमण उन्मूलन अभियान के दौरान 35 अस्थायी झोपड़ी को हटाया गया तथा अतिक्रमणकारियों से 1,000/- रुपये दण्ड के रूप में वसूल की गयी।
महावीर घाट से नोजर घाट चित्रगुप्त मंदिर तक गंगा नदी के किनारे से भी अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया। अतिक्रमण उन्मूलन के दौरान गंगा नदी किनारे से 50-से-55 झोपड़ीनुमा अतिक्रमण को हटाया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि ’यह क्षेत्र जनहित के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र’ है। यहाँ अनेक योजनाएँ चल रही हैं। जनहित की इन महत्वपूर्ण योजनाएँ के क्रियान्वयन में कोई बाधा स्वीकार नहीं की जा सकती है। गंगा नदी के किनारे अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। अधिकारियों को निदेशित किया गया है कि ’इन अतिक्रमण को हटाने के साथ-साथ कोई नया अतिक्रमण न हो इसे भी सुनिश्चित’ करें। इसमें जो कोई भी बाधा उत्पन्न करेगा उसके विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को इसे सुनिश्चित कराने का निदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा नदी के किनारे असर्वेक्षित भूमि पर लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया था। गंगा नदी क्षेत्र के असर्वेक्षित भूमि में कई जगहों पर अतिक्रमण किया गया है एवं असामाजिक तत्वों द्वारा निहित स्वार्थों से प्रेरित हो कर अवैध ढंग से संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि यह खेदजनक है। अनुमंडल पदाधिकारी को इन क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान चलाने का निदेश दिया गया है ताकि जन-सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सके। नदी क्षेत्र का असर्वेक्षित भूमि सरकारी भूमि माना जाता है। गंगा नदी के किनारे असर्वेक्षित भूमि पर किसी व्यक्ति विशेष का दावा मान्य नहीं है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एवं माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश से इन क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी भी संरचना का निर्माण नहीं किया जा सकता है। फ्लड प्लेन एरिया में निजी जमीन पर भी किसी व्यक्ति द्वारा निर्माण नहीं किया जा सकता है। अधिकारियों को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एवं माननीय न्यायालय के आदेश के अनुरूप इन क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने का निदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी इन इलाकों से अतिक्रमण हटाया गया है। आज भी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में अवैध संरचनाओं को हटाया गया है। नगर दंडाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक नगर व्यवस्था एवं अन्य को वरीय पदाधिकारी के तौर पर प्रतिनियुक्त किया गया था। नगर कार्यपालक पदाधिकारी, कार्यपालक दंडाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं अन्य को दंडाधिकारी के तौर पर प्रतिनियुक्त किया गया था। जिलाधिकारी ने कहा कि इस क्षेत्र में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) को समुचित संख्या में दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर अवैध संरचनाओं को हटाने का निदेश दिया गया है। नगर दंडाधिकारी, अंचल अधिकारी तथा नगर कार्यपालक पदाधिकारी को विधिवत अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान संचालित करने के लिए निदेशित किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि आदतन अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध विधि-सम्मत दंडात्मक कार्रवाई करने का भी निदेश अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद संबंधित सरकारी विभागों एवं एजेंसियों द्वारा नियमानुसार विविध जनोपयोगी कार्य किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण हटाना जनहित के लिए आवश्यक है। कुछ लोगों द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध ढंग से संरचनाओं का निर्माण किए जाने से समाज के एक बहुत बड़े वर्ग को दिनानुदिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह स्वीकार्य नहीं है। आज अवैध अस्थायी संरचनाओं को हटाया गया है। अवैध ढंग से बनाए गए स्थायी संरचनाओं को हटाने के लिए अंचल अधिकारी द्वारा अतिक्रमणवाद प्रारंभ की गई है तथा आगे की कार्रवाई तेजी से की जा रही है। अतिक्रमण हटाकर उन क्षेत्रों में वन, नगर विकास एवं आवास, पथ निर्माण एवं अन्य विभागों द्वारा सौन्दर्यीकरण तथा विकास का कार्य कराया जाएगा। इससे लोगों को बेहतर सुविधा प्राप्त होगी तथा अपना कार्य करने में काफी सहूलियत होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार जनता की आवश्यकताओं एवं आकांक्षाओं के प्रति सजग एवं संवेदनशील है। सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र इसके लिए तत्पर है। जिला प्रशासन, पटना द्वारा सरकार के उद्देश्यों तथा निदेशों के अनुरूप विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। पदाधिकारियों को जनहित के दृष्टिकोण से नियमित तौर पर अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान संचालित करने, यातायात प्रबंधन एवं शहर के सौन्दर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने का निदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जेपी गंगा पथ, अशोक राजपथ और पटना साहिब महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है। पटना साहिब एक ऐतिहासिक पर्यटन स्थल भी है। यहाँ देश-विदेश से हजारों की संख्या में संगत, श्रद्धालु एवं पर्यटक आते हैं। जन-सुविधाओं को बेहतर बनाने हेतु यहाँ लगातार कार्य चल रहा है।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि पटना का वृहत स्तर पर विकास हो रहा है। काफ़ी संख्या में पथ, सेतु, फ़्लाई ओवर बनाया गया है। मेट्रो का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन ने आम जनता की जीवन शैली में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि नागरिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखना ज़रूरी है। इसके लिए पार्किंग विकास, हरित विकास तथा अतिक्रमण मुक्ति की योजना चल रही है। इस कार्य योजना में आवश्यकता के अनुसार यू टर्न, पार्किंग, हरित क्षेत्र विकास किया जाएगा। दीर्घकालीन एवं अल्पकालीन योजना का निर्माण किया जा रहा है।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को सर्वाेत्तम सुविधा प्रदान उपलब्ध कराने की दिशा में तत्पर है। पटना जिला में शहरी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं संबंधित नगर निकायों की एकीकृत डेडिकेटेड शहरी प्रबंधन इकाई क्रियाशील है। अपर जिला दंडाधिकारी (नगर व्यवस्था) को निर्देशित किया गया है कि शहरी प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए नियमित तौर पर अतिक्रमण उन्मूलन अभियान संचालित करें ताकि आम जनता को ट्रैफिक जाम इत्यादि समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि जनहित में सड़कों, फुटपाथ एवं सर्विस रोड सहित सभी सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त रखना आवश्यक है। इस उद्देश्य से समय-समय पर अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान चलाया जाता है।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के उद्देश्यों के अनुरूप प्रशासन का शहर के सौन्दर्यीकरण एवं नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता दोनों पर विशेष फोकस है। लोगों से भी नियमित फ़ीडबैक एवं सुझाव लिया जाता है। आज भी अधिकारियों ने निरीक्षण के समय स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित किया तथा उनका सुझाव लिया। लोगों द्वारा विकास योजनाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि सौन्दर्यीकरण के लिए हरित क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। यातायात के दृष्टिकोण से मानकों के अनुसार यू-टर्न, वन-वे, ट्रैफिक डायवर्सन, यातायात नियमों का अनुपालन, साईनेजेज का जगह-जगह प्रदर्शन इत्यादि का क्रियान्वयन किया जा रहा है। अवैध पार्किंग पर रोक लगाने से यातायात सुगम रखने में आसानी होगी। सुचारू यातायात व्यवस्था जनहित में अत्यावश्यक है। यह हमारे कार्यशैली एवं जीवन-शैली पर भी काफी प्रभाव डालता है।
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ज़िलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन द्वारा आम जनता की सुविधा हेतु यातायात, परिवहन तथा पार्किंग के लिए बेहतर-से-बेहतर व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक (यातायात); संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी तथा अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) की सदस्यता वाली एक ’त्रि-सदस्यीय उप समिति लगातार क्रियाशील है जो नगर निकायों के अधिकारियों के साथ शहरी क्षेत्रों का लगातार भ्रमण कर नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता हेतु आवश्यक कार्रवाई’ करती है।
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ज़िलाधिकारी ने कहा कि नागरिकों के लिए संवेदनशील व्यवस्था का निर्माण; ज़िला में सर्वाेत्तम नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता एवं शहर का सौन्दर्यीकरण प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) को सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहना होगा।
