विश्व तम्बाकू निषेध दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आज बिहार विधान सभा, पटना के विस्तारित भवन स्थित ऑडिटोरियम हॉल में “तम्बाकू मुक्त बिहार: युवा, सरकारी संस्थानों और आध्यात्मिक संगठनों की भूमिका” विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि तम्बाकू सेवन केवल एक बुरी आदत नहीं, बल्कि गंभीर बीमारियों, आर्थिक परेशानी और सामाजिक चुनौती का कारण है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को तम्बाकू तथा निकोटिन की लत से बचाने के लिए मजबूत कानून, प्रभावी प्रवर्तन, जागरूकता और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। कार्यशाला में बिहार में COTPA 2003 को और प्रभावी बनाने के लिए राज्य स्तर पर आवश्यक संशोधन पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत बताई गई। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड की तरह बिहार में भी तम्बाकू नियंत्रण कानून को मजबूत करने से बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों को तम्बाकू और निकोटिन की लत से बचाने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम का आयोजन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा अलायंस फॉर टोबैको फ्री बिहार (AFTB) और सोसियो इकोनॉमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी (सीड्स) के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम में श्री दीपक मिश्रा, कार्यपालक निदेशक, सीड्स; डॉ. धीरेन्द्र नारायण सिन्हा, संयोजक, AFTB; बी.के. संजय भाई, राज्य कार्यक्रम समन्वयक, ब्रह्माकुमारीज सहित कई वक्ताओं ने विचार रखे।

इस अवसर पर माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सभी प्रतिभागियों को तम्बाकू सेवन नहीं करने की शपथ दिलाई। प्रतिभागियों ने तम्बाकू मुक्त समाज बनाने में योगदान देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में बिहार विधान सभा के उपाध्यक्ष श्री नरेन्द्र नारायण यादव, सत्तारूढ़ दल के माननीय मुख्य सचेतक श्री संजीव चौरसिया, माननीय सदस्यगण श्री राजकुमार राय, श्री रोमित कुमार, श्रीमती अनीता , श्रीमती छोटी कुमारी, श्रीमती सोनम रानी एवं सभा सचिवालय के पदाधिकारियों, कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से जुड़े स्वयंसेवक, सीड्स से जुड़े पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।
