भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव राम नरेश पाण्डेय ने कहा कि बिहार में भाजपा के मुख्यमंत्री बनते ही अपराधी बेलगाम हो गया है। एक ही दिन भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के कार्यालय में घुसकर कार्यापालक पदाधिकारी की हत्या कर दी गई एवं मुजफ्फरपुर में घर में घुसकर मां और दो बच्चों की गला घोंटकर हत्या कर दी जाती है वहीं पटना के बिहटा में पुलिस सहित आम लोगों को गाड़ी में धक्का देकर अपराधी हथियारों के साथ भाग जाता है। इन घटना से साफ प्रतित हो रहा है कि बिहार में कानून व्यवस्था नहीं है। लोगों का कानून पर से भरोसा उठ गया है।

भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि बिहार में हत्या, अपराध की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि से राज्य में भय और दहशत का माहौल व्याप्त है। अपराधी बेलगाम हो गये है, दिन-दहाड़े हत्या हो जाती है। नेशनल क्राईम रिकार्ड ब्यूरों (एन.सी.आर.बी.) के आँकड़ों के मुताबिक हत्या-अपराध की घटनाओं में बिहार देश के टॉप पांच राज्यों में शामिल है और अपराध दर में बिहार देश में दूसरे स्थान पर है। एक रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में अपराधों की संख्या में 80 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एन.सी.आर.बी. के ही आँकड़ों के अनुसार वर्ष 2005 से अबतक बलात्कार के मामले में 47.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पूरे बिहार की जो तस्वीर सामने आ रही है उसके अनुसार बिहार के विभिन्न जिलों में आये दिन व्यवसायी, राजनीतिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, शिक्षक तथा सामान्य आदमी हत्या व अपराध के शिकार हो रहे हैं। क्राईम रिकार्ड ब्यूरों (एन.सी.आर.बी.) के आँकड़ों के अनुसार राजधानी पटना आर्म्स एक्ट में दर्ज मुकदमों में बिहार का अग्रणी जिला हो गया है। राज्य की एनडीए सरकार बिहार की कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभाल पाने में विफल साबित हो रही है और वे बेबस और लाचार हो गया है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बिहार में बढ़ रहे हत्या, अपराध और बदतर हो रही कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिन्ता प्रकट करती है और इसके लिए भाजपा-जदयू सरकार को जवाबदेह मानती है। सरकार स्थिति को संभाल पाने में अक्षम और विफल है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी आम जनता से बदत्तर कानून व्यवस्था की स्थिति के खिलाफ जोरदार संघर्ष के मैदान में उतरने का आह्वान करती है।
