भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बिहार राज्य कार्यकारिणी और जिला सचिवों की संयुक्त बैठक शनिवार को जनशक्ति भवन में हुई। बैठक में मौजूदा राजनीतिक स्थिति की समीक्षा की गई और राज्य में बढ़ते अपराध,गिरती कानून व्यवस्था,छोटे छोटे बचियों व महिलाओं पर हो रहे जुल्म,पुलिस अत्याचार, सरकार के बुलडोजर व गरीब को उजारों अभियान तथा बढ़ती महंगाई पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। बैठक की अध्यक्षता अवधेश कुमार राय ने की जबकि एजेंडा राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने पेश किया।
भाकपा राज्य सचिव ने बताया कि
बैठक में केन्द्र तथा राज्य में सत्तारूढ एनडीए सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पार्टी का चरणणबद्ध संघर्ष तेज करने का फैसला लिया गया। बैठक में प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में 993 रुपये प्रति सिलेंडर की अभूतपूर्व बढ़ोतरी की कड़ी निंदा करती है।
इस भारी बढ़ोतरी के बाद एक कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत अब 3100 से ज़्यादा होगी। ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, एक चुनौतीपूर्ण वैश्विक स्थिति में भारत के हितों की रक्षा करने में सरकार की विफलता को दर्शाती है। ईंधन की कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित करने के बजाय, इसका बोझ आम लोगों पर डाला जा रहा है। पूरे देश में भोजनालयों, ढाबों, हॉस्टलों, पीजी आवासों और छोटे व्यवसायों पर इसका असर तुरंत महसूस होगा, जिससे खाने-पीने की चीज़ों की कीमतें बढ़ेंगी और रहने का खर्च भी बढ़ेगा। पांच राज्यों में
वोटिंग के ठीक एक दिन बाद हुई यह बढ़ोतरी भाकपा की उस चेतावनी की पुष्टि करती है कि चुनाव खत्म होते ही एलपीजी और अन्य ईंधन की कीमतें बढ़ा दी जाएंगी, क्योंकि सरकार लोगों की आजीविका के बजाय केवल चुनावी फ़ायदों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। एक बार वोट पड़ जाने के बाद, इसका बोझ आम लोगों पर अभूतपूर्व तरीके से डाल दिया जाता है। यह घोर अन्याय है।
भाकपा ऐसे जन-विरोधी कदमों का कड़ा विरोध करती है, और सरकार को पूरे देश में काम करने वाले लोगों पर किए गए इस हमले को वापस लेने के लिए मजबूर करने हेतु एक दृढ़ संघर्ष किया जाएगा।
