जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्री अरविंद निषाद ने सोशल मीडिया संवाद करते हुए कहा कि विगत दो दशकों में आदरणीय नेता श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है। जिस राज्य में कभी कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगते थे, वहाँ आज कानून का राज स्थापित हुआ है। आधारभूत संरचना के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं-सड़क, पुल-पुलिया, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हर गांव और हर घर तक हुआ है।
इन्हीं विकासात्मक मूल्यों और सुशासन की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए श्री निशांत कुमार ने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की है। अपने सरल, सहज और विनम्र व्यक्तित्व के कारण वे तेजी से युवाओं और आम जनता के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। जनता दल (यू) के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन में उन्होंने “सद्भाव यात्रा” के माध्यम से जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित करने का संकल्प लिया है।
चंपारण की ऐतिहासिक धरती से इस यात्रा की शुरुआत अत्यंत महत्वपूर्ण है। यही वह भूमि है जहाँ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने सत्याग्रह का बिगुल फूंका था और इसे अपनी कर्मभूमि बनाया था। आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी ने भी अपने राजनीतिक जीवन की कई महत्वपूर्ण यात्राओं की शुरुआत चंपारण से की थी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री निशांत कुमार ने भी सद्भाव यात्रा का शुभारंभ यहीं से किया है।
श्री निशांत कुमार ने स्पष्ट किया है कि वे अपने पिता और आदर्श आदरणीय श्री नीतीश कुमार के मार्ग पर चलते हुए उनके विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सात निश्चय योजना की उपलब्धियों को और सुदृढ़ करना, समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना और बिहार को विकसित राज्य बनाना उनका मुख्य उद्देश्य है।
“ट्रिपल सी”-क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म-से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने का संकल्प ही बिहार की वर्तमान शासन व्यवस्था की पहचान है। इसी सिद्धांत को आगे बढ़ाते हुए श्री निशांत कुमार ने भी स्पष्ट किया है कि कानून का राज कायम रहेगा और समाज में सद्भाव बना रहेगा।
उन्होंने कहा कि सद्भाव यात्रा के दौरान श्री निशांत कुमार जी समाज के सभी वर्गों-अल्पसंख्यक, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित, महादलित, आदिवासी, महिला और युवा-से संवाद स्थापित कर उनकी अपेक्षाओं और समस्याओं को समझ रहे हैं। यह यात्रा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक विश्वास और सहभागिता को मजबूत करने का एक व्यापक अभियान है।
