राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने बीपीएससी द्वारा टीआरई 4 की अधिसूचना जारी करने की मांग को लेकर राजधानी पटना में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यार्थियों पर किए गए बर्बर लाठीचार्ज की तीखी आलोचना करते हुए लाठी चार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
राजद प्रवक्ता ने शिक्षक अभ्यार्थियों के गुस्से को जायज करार देते हुए कहा कि टीआरई 4 को लेकर पिछले दो सालों से शिक्षक अभ्यार्थियों को लगातार गुमराह किया जाता रहा है। तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से लेकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री, विभागीय अधिकारी और बीपीएससी बार-बार अपने हीं बयानों से पलटी मारती रही है। जिससे शिक्षक अभ्यार्थियों के बीच अनिश्चितता और अविश्वास के साथ हीं आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बीपीएससी द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार यह परीक्षा 2024 में हीं हो जाना चाहिए था। 2025 के शुरुआती दिनों में हीं तत्कालीन मुख्यमंत्री जी ने अगस्त 2025 तक सारी प्रक्रियाएं पूरा कर लिए जाने की घोषणा की थी। फिर इसे बढ़ाकर अक्टूबर 2025 कर दिया गया। मुख्यमंत्री जी के एवं जनता दल यू के ट्विटर हैंडल से भी इसे खुब प्रचारित किया गया। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान झूठ बोलकर नौजवानों को गुमराह किया गया। नयी सरकार बनने के बाद भी किसी न किसी बहाने यह सिलसिला जारी रहा। मार्च 2026 में शिक्षा विभाग द्वारा कहा गया कि रिक्तियों का ब्योरा बीपीएससी को भेज दिया गया है। बीपीएससी के हवाले से भी कहा गया कि अप्रैल के तीसरे सप्ताह में परीक्षा की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। अब फिर बीपीएससी अपना पैंतरा बदलने लगा है और परीक्षा की प्रक्रिया हीं बदलने की बात की जाने लगी है। सरकार और बीपीएससी के इस रवैए से छात्रों का धैर्य जवाब देने लगा है। बहुतों की उम्रसीमा समाप्त होने वाली है। आर्थिक और पारिवारिक दबाव से वे टूटने लगे हैं। और जब वे सरकार और बीपीएससी तक अपनी बातों को पहुंचाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं तो निर्ममता पूर्वक उन्हें पिटा जा रहा है। अनेकों छात्रों को गंभीर चोट लगी है।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि एनडीए के नेता बिना चुनावी प्रक्रिया में भागीदार किये हीं अपने बच्चों को मंत्री बनाने में मशगूल हैं। लेकिन बिहार के लाखों युवा, जिन्होंने सालों मेहनत कर पढ़ाई की है, उनसे चुनाव के पूर्व एनडीए नेताओं द्वारा किये गये वादे के अनुसार टीआरई4 के लिए अधिसूचना जारी करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं तो निर्दयतापूर्वक उनके उपर लाठियां बरसाई जा रही है।
