बिहार जद (यू) के मा0 प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने शुक्रवार को बयान जारी कर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर करारा पलटवार करते हुए कहा कि जंगलराज के युवराज को अपराध पर उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। बिहार में कानून का राज पूरी सख्ती से कायम है और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार कठोर कार्रवाई की जा रही है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जगजाहिर है कि लालू-राबड़ी शासनकाल में सत्ता-पोषित अपराधियों को मुख्यमंत्री आवास में प्रश्रय दिया जाता था, जबकि आज ऐसे तत्वों को कानून के शिकंजे में जकड़कर सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि यह विडंबना की पराकाष्ठा है कि जिनकी राजनीति की नींव ही अपराध पर टिकी रही हो और जिनका अतीत ‘जंगलराज’ के काले अध्यायों से दागदार रहा हो, वही आज कानून-व्यवस्था के स्वयंभू पैरोकार बनने का ढोंग कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजद के शासनकाल में सत्ता-संरक्षित अपराधियों के भय से आम लोगों का जीना मुहाल था। लोग पलायन करने को मजबूर थे, महिलाएं और छात्राएं घर से बाहर निकलने में डरती थीं, और अंधेरा होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता था।
मा0 श्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2005 में सत्ता की बागडोर संभालने के बाद कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। अपराध नियंत्रण के लिए सख्त अभियान चलाए गए, पुलिस व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाया गया। उन्होंने कहा कि 2005 के बाद से कानून-व्यवस्था एनडीए सरकार की सबसे बड़ी यूएसपी रही है और अपराध के खिलाफ ‘जीरो टाॅलरेंस’ की नीति पर सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
