जद (यू0) प्रदेश कार्यालय, पटना में मा0 प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा की उपस्थिति में बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी ने प्रेसवार्ता को संबोधित किया। उक्त मौके पर विधानपरिषद में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक श्री संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी मौजूद रहें। इस दौरान श्री विजय कुमार चैधरी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन एवं लगातार बढ़़़़ते तापमान की समस्या आज पूरी दुनिया के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मा0 श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जलवायु परिवर्तन एवं बढ़़़़ते तापमान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से चर्चा की गई थी। उनकी दूरदर्शी सोच एवं संकल्प का ही परिणाम है कि ‘‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’’ के माध्यम से बिहार में भू-गर्भ जलस्तर में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है।
मा0 उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने भी स्पष्ट किया है कि श्री नीतीश कुमार की नीतियों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़़़ाया जाएगा। इसी क्रम में बिहार सरकार द्वारा ‘‘बिहार हरित जलवायु कोष’’ के गठन का निर्णय लिया गया है। यह कोष राज्य में हरित आवरण बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने बताया कि इस कोष हेतु विभिन्न स्रोतों से संसाधन जुटाए जाएंगे, जिनमें निविदाओं पर 0.25 प्रतिशत योगदान, नए वाहनों के निबंधन पर 1 प्रतिशत शुल्क तथा खनन पर 0.50 प्रतिशत राॅयल्टी सेस शामिल है। साथ ही काॅर्पोरेट सामाजिक दायित्व के तहत भी स्वेच्छा से अंशदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आज जलवायु परिवर्तन की समस्या से जूझ रही है। यदि समय रहते हम सभी इसके प्रति सचेत नहीं हुए तो भविष्य में तापमान वृद्धि और अधिक गंभीर रूप ले सकती है। मा0 श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार इस विषय पर शुरू से ही अत्यंत संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रही है, जिसे अब आगे बढ़़़ाने का कार्य मा0 मुख्यमंत्री श्री सम्राट चैधरी कर रहे हैं।
प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने मा0 प्रधानमंत्री की उस अपील का भी उल्लेख किया, जिसमें सार्वजनिक परिवहन एवं साझा वाहनों के अधिक उपयोग पर बल दिया गया है, ताकि कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई जा सके और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ हम सभी को अपनी दैनिक जीवनशैली एवं आदतों में भी सकारात्मक बदलाव लाना होगा।
