भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बिहार राज्य परिषद की दो दिवसीय बैठक 22-23 मई 2026 को राहुल सांकृत्यायन नगर, छपरा में सम्पन्न हुई। बैठक में लिये गये निर्णय की जानकारी भाकपा के राष्ट्रीय सचिव कॉ॰डा॰ गिरीश चन्द्र शर्मा, कॉ॰ संजय कुमार, पूर्व एमएलसी और राज्य सचिव कॉ॰राम नरेश पाण्डेय ने जनशक्ति भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी। भाकपा नेताओं ने कहा कि बैठक में केन्द्र और राज्य सरकार की जन विरोधी नीतियों, पेट्रोल, डीजल व एलपीजी की कीमत में लगतार की जा रही बढ़ोतरी, बिहार में बढ़ते अपराध, महिलाओं व बच्चियों पर बढ़ते अत्याचार, भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी, नीट परीक्षा पेपर लींक और भाजपा सरकार के बुलडोजर नीति के खिलाफ जन संघर्ष तेज करने का आह्वान किया गया। बिहार विधान परिषद की सारण और तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का होने वाले चुनाव में पार्टी ने उम्मीदवार देने का निर्णय लिया है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कॉमरेड विद्या सागर विद्यार्थी और तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रो॰ संजय कुमार सिंह वर्त्तमान विधान पार्षद भाकपा के उम्मीदवार होंगे। इस संबंध में पार्टी महागठबंधन के दलों से वार्त्ता कर संयुक्त प्रत्याशी देगी। बैठक में 25 मई 2026 को किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन और नौजवान संघ के द्वारा संयुक्त रूप से जिला मुख्यालय पर आयोजित धरना प्रदर्शन को समर्थन देने का फैसला लिया। 10 जून, 2026 को गया जी में किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी एवं आगामी विधान सभा सत्र (वर्षा कालीन) जनसंगठनों की ओर से विधान सभा मार्च किया जायेगा।

राष्ट्रव्यापी पदयात्रा कार्यक्रम के तहत पूरे बिहार में 06-15 अगस्त, 2026 तक पंचायत और प्रखंड स्तर पर पदयात्रा निकाली जायेगी। केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 28 सितम्बर, 2026 को (शहीदें आजम भगत सिंह की जयंती) के अवसर पर दिल्ली में आयोजित रैली में बिहार से अधिक से अधिक लोगों को ले जाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार से प्रस्तावित टाउनशिप योजना वापस लेने की मांग की गई। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बिहार में बढ़ रहे हत्या, अपराध और बदतर हो रही कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिन्ता प्रकट करती है और इसके लिए भाजपा-जदयू सरकार को जवाबदेह मानती है। सरकार स्थिति को संभाल पाने में अक्षम और विफल है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी आम जनता से बदतर कानून व्यवस्था की स्थिति के खिलाफ जोरदार संघर्ष के मैदान में उतरने का आह्वान करती है।
पांच राज्यों में चुनाव सामप्त होते ही दो बार डीजल पेट्रोल की कीमत बढ़ा दी गई है। एलपीजी की कीमत पहले ही बढ़ा दी गई थी।
ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, एक चुनौतीपूर्ण वैश्विक स्थिति में भारत के हितों की रक्षा करने में सरकार की विफलता को दर्शाती है। ईंधन की कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित करने के बजाय, इसका बोझ आम लोगों पर डाला जा रहा है। पूरे देश में भोजनालयों, ढाबों, हॉस्टलों, पीजी आवासों और छोटे व्यवसायों पर इसका असर तुरंत महसूस होगा, जिससे खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ेंगी और रहने का खर्च भी बढ़ना लाजिमी है।
भाजपा के पास सत्ता की चाबी आने से अब सत्ता का केन्द्र दिल्ली शिफ्ट हो गया है। बिहार के शासन-प्रशासन सहित सभी निर्णय अब दिल्ली में ही होगा। भाजपा का कारपोरेट पक्षी रूझान आने लगा हैं। सम्राट चौधरी सरकार की सेटेलाईट टाउनशीप योजना के स्थल निरीक्षण से यह स्पष्ट है कि यह योजना कारपोरेट घरानों का चारागाह योजना है जो गरीब किसानों की जमीन हड़प कर फलीभूत होगा। शहरों और कस्बों से अतिक्रमण के नाम पर बुलडोजर चलाना महज कारपोरेट घरानों के लिए पलक-पौवड़े बिछाने जैसा है। बिहार में भाजपा अपनी विभाजनकारी साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के एजेण्डे को तेजी से आगे बढ़ाएगी, इसका खतरा बढ़ गया है। बड़े कारपोरेट घरानों से हाथ मिलाकर अधिनायकवादी केन्द्रीकरण, नव फासीवाद के गंभीर खतरों से अब बिहार को रूबरू होना पड़ेगा।
इस नई चुनौतियों के बीच संघर्ष की नई संभावनाएँ और अवसर भी हमें प्राप्त हुआ है। कृषि में अत्यन्त पिछड़ापन के साथ बिहार आज तक उद्योगविहीन राज्य बन चुका है।
भूमि सुधार के कार्य आधे-अधूरे होने के कारण स्थिति विस्फोटक है। बिहार से बड़ी संख्या में पलायन एक विकराल समस्या बनी हुई है। सूबे में शिक्षा और चिकित्सा गरीबों के पहुँच से बाहर होती जा रही है। राज्य की लगभग 20 प्रतिशत दलित आबादी आज भी शोषित-पीड़ित और उपेक्षित है। महिलाओं के साथ हिंसा और अपराध की घटनाएँ बढ़ी है। कानून-व्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है। रोज हत्या व अपराध की घटनाएँ बढ़ रही है। किसानों की दुर्दशा तथा मुसीबतें बढ़ी है तथा बाढ़-सुखाड़ एक स्थायी समस्या हो गई है।
रोजगार, महंगाई, भूमि सुधार, कृषि संकट तथा सरकार की विनाशकारी-विभाजनकारी योजना के खिलाफ संघर्ष की नई संभावनाएँ पैदा हुई है।
बैठक को राष्ट्रीय सचिव का॰ डा॰ गिरीशचंद्र शर्मा, राष्ट्रीय सचिव संजय कुमार, पूर्व एमएलसी, राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता सुरेंद्र सौरभ, सीताराम शर्मा और बिजेंद्र केसरी की अध्यक्षमंडली ने की।
