भाजपा, बिहार प्रदेश ने आपातकाल की वर्षगांठ पर आज पूरे प्रदेश में ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले जेपी सेनानियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर पटना, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों में कुल 1092 जेपी सेनानियों को सम्मान प्रदान किया गया, वहीं 25 जून को जिला एवं मंडल मुख्यालयों पर भी इसे काला दिवस के रूप में मनाया गया।

प्रदेश के मुख्य कार्यक्रम पटना में आयोजित हुआ, जहां भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा की उपस्थिति में 385 जेपी सेनानियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश मंत्री कुमार राघवेंद्र प्रभारी के रूप में मौजूद रहे। वहीं दरभंगा में सांसद डॉ. संजय जायसवाल के नेतृत्व में 211 जेपी सेनानियों का सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम के प्रभारी के रूप में भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राज राजेंद्र उपस्थित रहे।
भागलपुर में बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद कुमार की उपस्थिति में 113 जेपी सेनानियों को सम्मानित किया गया। यहां कार्यक्रम के प्रभारी के रूप में भाजपा के प्रेस पैनलिस्ट मनीष पांडेय मौजूद रहे।

पूर्णिया में केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे की उपस्थिति में 170 जेपी सेनानियों का सम्मान किया गया, जहां कार्यक्रम के प्रभारी के रूप में भाजपा के प्रदेश महामंत्री राजेश झा उपस्थित रहे। इसी तरह मुजफ्फरपुर में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय की उपस्थिति में 213 जेपी सेनानियों को सम्मानित किया गया। यहां कार्यक्रम प्रभारी के रूप में भाजपा के पूर्व सह-क्षेत्रीय प्रभारी अशोक भट्ट मौजूद रहे।

भाजपा ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए कहा कि 25 जून 1975 को कांग्रेस सरकार ने सत्ता बचाने के लिए संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों पर कुठाराघात किया था।

भाजपा ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले लोकतंत्र बचाओ आंदोलन के सेनानियों का सम्मान केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की आत्मा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए हुए संघर्ष का सम्मान है।
प्रदेश भाजपा ने कहा कि ‘संविधान हत्या दिवस’ के आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को आपातकाल की सच्चाई से अवगत कराना और लोकतंत्र की रक्षा के प्रति समाज को जागरूक करना है।
