20 जुलाई, 2026 से प्रारंभ हो रहे अष्टादश विधान सभा के तृतीय सत्र के सफल संचालन हेतु बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय कक्ष में 04:00 बजे अपराह्न में बिहार विधान सभा के दलीय नेताओं की बैठक आयोजित की गई ।

बैठक में विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि इस सत्र के सफल और शांतिपूर्ण संचालन हेतु यह महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। मेरा मानना है कि यदि सत्र सुचारू रूप से चले तो इस सत्र में अधिकाधिक कार्यों को निष्पादित किया जा सकेगा । मुझे विश्वास है कि आगामी सत्र में इस सदन में जनहित के विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श होगा एवम् सत्ता पक्ष तथा विपक्ष परस्पर सहयोग से जन समस्याओं का समाधान करेंगे। इस सत्र के सफल एवं शांतिपूर्ण संचालन हेतु मेरा यह प्रयास रहेगा कि स्थापित परंपराओं, नियमों एवं बिहार विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के प्रावधानों के तहत आप सभी के सहयोग से सदन में सकारात्मक माहौल में चर्चा हो।व्यवस्थित ढंग से सदन चलाने में सभी दलों से सकारात्मक सहयोग प्राप्त होगा, ऐसी मेरी अपेक्षा है। प्रश्नोत्तर काल बाधित न हो, इसका ध्यान सभी को रखना है।

बैठक में शून्यकाल एवं ध्यानाकर्षण के ऑनलाइन होने के विषय में भी विचार–विमर्श हुआ। दलीय नेताओं के सुझाव पर अध्यक्ष महोदय ने कहा कि शून्यकाल को ऑनलाइन प्राप्त करने के लिए 8 बजे से 9 बजे तक तथा ध्यानाकर्षण को ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त करने के लिए 9 बजे से 10 बजे तक का समय निर्धारित कर दिया जायेगा।

उन्होंने सभी दलीय नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने दल के सदस्यों को सदन की कार्यवाही में सक्रिय, अनुशासित एवं रचनात्मक सहभागिता के लिए प्रेरित करें। प्रश्नकाल, शून्यकाल, विधायी कार्य तथा जनहित के सभी विषयों पर गंभीर चर्चा हो, ताकि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप सार्थक परिणाम सामने आएँ।

पक्ष एवम् विपक्ष के सभी नेताओं ने सदन चलाने में अध्यक्ष महोदय को सकारात्मक सहयोग देने पर अपनी सहमति दी।
इस बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, उपाध्यक्ष श्री नरेन्द्र नारायण यादव, , मुख्य सचेतक, सत्तारूढ़ दल श्री संजीव चौरसिया, मुख्य सचेतक, मुख्य विरोधी दल श्री कुमार सर्वजीत, सचेतक श्री राजू तिवारी, सदस्य सर्वश्री आलोक कुमार मेहता , अजय कुमार, अरूण सिंह , माधव आनंद , इन्द्रजीत प्रसाद गुप्ता , अख्तरूल ईमान, सतीश कुमार सिंह यादव एवं अभिषेक रंजन उपस्थित रहे ।
