बिहार भाजपा के प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े ने संसद के हालिया सत्र को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सांसद बनने के बाद यह उनका पहला सेशन था। वह महाराष्ट्र की विधानसभा और विधान परिषद में भी काफी समय तक रहे हैं और वहां सदन की कार्यवाही में एक अनुशासन देखने को मिलता था। दुर्भाग्य से संसद में विपक्ष के हंगामे और व्यवधान के कारण सदन का केवल 39 प्रतिशत समय ही काम हो पाया।
विनोद तावड़े ने कहा कि संसद का 61 प्रतिशत समय काम नहीं हो पाया। इस दौरान जनता के टैक्स का पैसा खर्च हुआ है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इस बर्बादी की जिम्मेदारी क्या राहुल गांधी ने ली है? उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष लगातार कहता था कि गृह मंत्री सदन में आएं और अपनी बात रखें। जब गृह मंत्री सदन में आने के लिए तैयार हुए तो विपक्ष ही सदन से भाग गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार सदन के बाहर नौटंकी करने से देश की जनता को कोई संदेश नहीं जाता है। अगर सदन में हैं तो सदन के अंदर आकर अपनी बात रखिए और चर्चा कीजिए।
पहली बार सांसद बने सदस्यों के सदन की कार्यवाही को समझने और उससे सीखने के अवसर के सवाल पर तावड़े ने कहा कि संसद की कार्यवाही हमेशा बहुत महत्वपूर्ण होती है। लेकिन दुर्भाग्य से विपक्ष ने संसद को चलने ही नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि देश की जनता संसद की ओर उम्मीद और विश्वास के साथ देखती है।
तावड़े ने कहा कि विपक्ष से अपेक्षा की जाती है कि वह सदन में जनहित के मुद्दे उठाए, सरकार से सवाल करे और लोकतांत्रिक तरीके से चर्चा करे। लेकिन सदन की कार्यवाही को बाधित करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। विपक्ष को सदन के बाहर नहीं, बल्कि सदन के अंदर अपनी बात रखनी चाहिए।
