राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार, अपराध, बेरोजगारी और गरीबी लगातार गंभीर होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस डबल इंजन सरकार से बिहार के विकास और आपदा के समय त्वरित सहायता की उम्मीद थी, वह बिहार के लिए ‘ट्रबल इंजन’ साबित हुई है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के कई इलाकों में बाढ़ से लोग परेशान हैं। बड़ी संख्या में परिवारों के सामने भोजन, आवास और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अपेक्षित सहायता नहीं पहुंची है। उन्होंने राज्य सरकार से सवाल किया कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं।
उन्होंने बिहार की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आकस्मिक निधि का इस्तेमाल कर्मचारियों के वेतन भुगतान में कर दिया गया, जिसके कारण आपदा के समय बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने में सरकार के हाथ बंधे हुए हैं।
राजद नेता ने कहा कि सरकार को अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करनी चाहिए। बिहार की जनता को राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि रोजगार, अपराध से सुरक्षा, महंगाई से राहत, गरीबी से मुक्ति और आपदा के समय तत्काल सरकारी सहायता चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर समझ रही है। बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के समय सरकार की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे में प्रभावित लोगों को राहत सामग्री, आर्थिक सहायता, सुरक्षित आवास और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
तेजस्वी यादव ने केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की कि बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए तत्काल विशेष राहत पैकेज जारी किया जाए और प्रत्येक प्रभावित परिवार तक बिना किसी भेदभाव के सरकारी सहायता पहुंचाई जाए।
