भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने कहा कि बिहार में किसी भी कीमत पर यूनिफार्म सिविल कोर्ड(यूसीसी) नहीं लागू होनी चाहिए। यूसीसी देश के हित में नहीं है। एक खास वर्ग को टारगेट करने व चुनाव में हिंदू-मुस्लिम करने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 से पहले एनडीए शासित राज्यों में यूसीसी लागू करने की घोषणा की है। भाकपा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 02 अक्टूबर को सांप्रदायिक सद्भाव दिवस के रूप में मनाएगी। यह कार्यक्रम आरएसएस-भाजपा शासन के तहत बढ़ते साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण और सामाजिक ताने-बाने की रक्षा करने और साम्प्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता को उजागर करेगी।

भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि भाजपा सरकार में महिलाओं, दलितों, अल्पसंख्यकों और आदिवासियों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं। आरएसएस-बीजेपी की राजनीति ने भेदभाव, हिंसा और असमानता को और गहरा किया है। अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। देश की जनता महंगाई से त्रस्त है। सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने और समाज में विभाजन पैदा करने के उद्देश्य से यूसीसी का मामला उछाला है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी न्याय पसंद लोगों से लोकसभा चुनाव से पहले यूसीसी लागू करने के ऐलान का विरोध का आह्वान करती है।
