भाकपा उम्मीदवारों की सूची
प्रथम चरण
1. तेघड़ा विधानसभा क्षेत्र (बेगूसराय) – का॰ रामरतन सिंह, वर्तमान विधायक
2. बखरी (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र ( बेगूसराय) – का॰ सूर्यकान्त पासवान, वर्तमान विधायक
3. बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र ( बेगूसराय) – का॰ अवधेश कुमार राय
4. राजापाकर (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र(वैशाली) – का॰ मोहीत पासवान
5. बिहार शरीफ विधानसभा क्षेत्र (नालंदा) – का॰ शिव कुमार यादव उर्फ सरदार जी
द्वितीय चरण
6. बांका विधानसभा क्षेत्र (बांका) – का॰ संजय कुमार
7. हरलाखी विधानसभा क्षेत्र (मधुबनी) – का॰ राकेश कुमार पाण्डेय
8. झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र (मधुबनी) – का॰ रामनारायण यादव
9. करगहर विधानसभा क्षेत्र (रोहतास) – का॰ महेन्द्र प्रसाद गुप्ता

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव का॰ गिरिश चन्द्र शर्मा, का॰ बी.के.कांगो और राज्य सचिव का॰ राम नरेश पाण्डेय ने बुधवार को 18वीं बिहार विधानसभा चुनाव के लिये पार्टी बिहार के मतदाताओं के नाम अपील जारी किया। इस मौके पर भाकपा नेताओं ने कहा कि बिहार में पिछले 20 वर्षों से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हैं। इन 20 वर्षों में कुुछ अपवादों को छोड़कर भाजपा-जदयू अर्थात एनडीए की सरकार रही है। नीतीश कुमार को आगे कर भाजपा सत्ता की मुख्य भूमिका में आने को आतुर है।
नीतीश कुमार थक सा गये हैं। सरकार और अधिकारियों पर अब उनका नियंत्रण नहीं रहा। यह चर्चा है कि सरकार दूसरे लोग चला रहे हैं। नीतीश कुमार की लोकप्रियता में कमी आयी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नकली बिहार प्रेम का दिखावा उजागार हो गया है। जब-जब चुनाव आता है तब-तब नरेन्द्र मोदी जी बिहार आते हैं, धुंआधार सभाएं करते है और तथाकथित तोहफा की वारिश करते हैं नई-नई घोषणाएं करते है
और डबल इंजन सरकार का सब्जबाग दिखाते हैं। बिहार की जनता मोदी जी के इस राजनीतिक प्रहसन से उब चुकी है। मोदी जी की सभाओं में भीड़ नहीं जुट रही है। भारी भड़कम साधनों और सत्ता की खनक के बल पर प्रायोजित कर मोदी जी की सभाओं में लोगों को लाया जाता है। नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता में भी भारी गिरावट आई है जिसका संकेत 2024 के लोकसभा चुनाव में ही मिल गया है, जब भाजपा बहुमत से दूर 240 पर ही सिमट गई।
इस विधान सभा चुनाव में भाजपा और जदयू घबराई हुई है। उसे यह एहसास हो गया कि वे चुनावी पराजय की कगार पर खड़े है।
बिहार में जातीय गणना के बाद पहली बार विधान सभा चुनाव हो रहा है। लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी हैं, बिहार में जातीय गणना से सामाजिक यर्थात का पता लग गया है। मतदाताओं में अपना हक पाने की एक नई लहर पैदा हुई हैं यह लहर गरीबों, पिछड़ों, अति पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के बीच ज्यादा स्पष्ट रूप से दिख रही है। इस लहर को दबा पाना मुश्किल हैं शुरू से ही भाजपा जातीय गणना का विरोध करती रही है।
वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के जरिए एक समुदाय विशेष को निशाना बनाया गया। वक्फ संशोधन अधिनियम का समर्थन कर नीतीश कुमार ने अपना अल्पसंख्यक विरोधी चेहरा उजागर कर दिया।

बिहार में चुनाव की पूर्व संध्या पर मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) कर चुनाव आयोग का पक्षपाती रवैया उजागार तो हुआ ही बिहार के लाखों मतदाताओं का नाम काटने से बिहार के मतदाताओं में भारी आक्रोश है।
भाजपा के नेतृत्व वाली केन्द्र की सरकार लगातार लोकतंत्र संविधान, दलित-पिछड़े/अतिपिछड़े अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमले कर रही है, देश के संघीय ढ़ाँचे और राज्यों की स्वायतत्ता खतरे में हैं, राजभवनों के माध्यम से राज्य सरकारों को अस्थिर किया जा रहा है। लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय के लिए आवाज उठाने वाले और केन्द्र सरकार की नीतियों का विरोध करने वाले विपक्षी दलों के नेताओं पर अधीनस्य जाँच एजेन्सियों के द्वारा दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। न्यायपालिका और संविधान पर भी हमले हो रहे हैं। हिंसा, नफरत और अराजकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन सबका जबाव बिहार के मतदाताओं को इस चुनाव में देना है और भाजपा नीत एनडीए को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाना है।
सबसे ज्यादा गरीबी बिहार में है, सबसे ज्यादा बेरोजगारी बिहार में है, सबसे ज्यादा पलायन बिहार से होता है और प्रति व्यक्ति आय देश में सबसे कम बिहार में है। वामदलों के नेतृत्व में चलने वाली सरकार केरल में है जहाँ गरीबी शून्य है। शिक्षा में अग्रणी केरल है। चुनाव में सीपीआई के उम्मीदवारों के साथ महागठबंधन के उम्मीदवारों को विजयी बनाकर बिहार को विकास के पथ पर अग्रसर करना है। संवाददाता सम्मेलन राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य का॰ जानकी पासवान, राष्ट्रीय परिषद सदस्य का॰ ओम प्रकाश नारायण, मिथिलेश कुमार झा, राजश्री किरण, अजय कुमार सिंह राज्य सचिवमंडल सदस्य, का॰ रामचन्द्र महतो, का॰ रामबाबू कुमार, का॰ एम. जब्बार आलम, का॰ बिजय नारायण मिश्र, राज्यकार्यकारिणी सदस्य का॰ नारायण जी झा, का॰ सुरेन्द्र सौरभ, का॰ प्रभाकर प्रसाद सिंह, का॰ प्रभात कुमार पाण्डेय, का॰ गजनफर नबाव आदि मौजूद थे।
