जनसाधारण को स्ट्रीट डॉग्स के आतंक से बचाने एवं लावारिस कुत्तों को आश्रय प्रदान करने के लिए जिला परिषदों द्वारा डॉग पाउंड्स बनाये जाएंगे। इस हेतु सचिव पंचायती राज विभाग, बिहार ने उप विकास आयुक्तों को पत्र के माध्यम से जिला परिषदों द्वारा भूमि चिह्नित कर विभाग को प्रतिवेदित करने हेतु निदेशित किया है।

इन डॉग्स पाउंड्स का निर्माण जिला परिषद द्वारा जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा तैयार किये गए डिज़ाइन एवं प्राक्कलन के अनुसार किया जाएगा। इनमें जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से पकड़े गए स्ट्रीट डॉग्स को रखने की व्यवस्था की जायेगी।इ नके निर्माण पर होने वाले खर्च का वहन षष्ठम राज्य वित्त आयोग की सामान्य निधि से किया जाएगा। स्ट्रीट डॉग्स के Sterilization, Deworming, Rabies Vaccination/Immunization से संबंधित प्रोटोकॉल का निर्धारण पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा किया जाएगा।
जिला परिषदों द्वारा जारी किये जाएंगे हेल्पलाइन नंबर
स्ट्रीट डॉग्स के आतंक से लोग निजात पा सके इस हेतु जिला परिषदों द्वारा “Dedicated Helpline Numbers” जारी किये जाएंगे तथा इनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

जन-जागरूकता के लिए चलाये जायँगे अभियान
सचिव, पंचायती राज विभाग ने कहा कि स्ट्रीट डॉग्स के आतंक की चुनौती से निबटने में जन-जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसलिए ग्राम पंचायत, पंचायत समिति एवं जिला परिषद स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। वार्ड सभा तथा ग्राम सभा की बैठकों में स्ट्रीट डॉग्स के आतंक से बचाने के बिंदु पर प्रमुखता से चर्चा की जायेगी। लोगों से आग्रह किया जाएगा कि वैवाहिक कार्यक्रमों अथवा अन्य सार्वजनिक समारोहों/त्योहारों के उपरांत अवशेष भोजन को खुले में नहीं फेंके तथा उनका निबटारा स्वास्थप्रद ढंग से करें। कचरे के निष्पादन के भी प्रभावी उपाय किये जाएंगे।
स्ट्रीट डॉग्स की चुनौतियों से जुड़े कार्यों के निष्पादन के लिए जिला स्तर पर जिला पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखंड स्तर पर प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी एवं ग्राम पंचायात स्तर पर पंचायत सचिव नोडल पदाधिकारी होंगे तथा इनका अनुश्रवण मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा।
