बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार जिनके नाम में ही प्रेम है वो तो सबसे प्रेम करते ही हैं और हर दिन दिखाई भी पड़ता है, चाहे उनके आवास की बात करें या फिर बिहार विधानसभा के सदन की … सब जगह प्रेम की फुहार उड़ते देखा जा सकता है | जब वो सदन में वो प्रवेश करते हैं तो अपने चेहरे पर मुस्कान लिए हुए और वह पूरे सदन को नतमस्तक होकर हाथ जोड़कर अभिवादन करते हैं .. जब वो सदन की गरिमामय कुर्सी पर विराजमान होते हैं और विधायी कार्य की प्रक्रिया शुरु होती है तब वो पक्ष विपक्ष दोनों को बराबर नजरो से देखते हैं,वो न सिर्फ सताधारी सदस्यों की बातो को तबज्जो देते हैं बल्कि विपक्ष के महत्वपूर्ण सवालों को भी सदन में उठाने के लिए पर्याप्त समय भी देते हैं ,अगर इसी बजट सत्र की बात करें तो पूर्व के सभी बजट सत्रों के बजाय ये बजट सत्र पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा ,ज्योही बजट वाले दिन सदन शुरू हुई विपक्षी सदस्य अपनी बात रखने के लिए अपनी सीट पर खड़े हो गये तब विधान सभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने उन्हें अपनी बात रखने के लिए के लिए पूरा पूरा समय देने की घोषणा कर दी और तब सारे के सारे विपक्षी सदस्य शांतचित होकर सदन की कार्रवाही में हिस्सा लिया |

प्रेम कुमार के इस अंदाज ने लोगो के ये कहने पर मजबूर कर दिया है कि पहली बार इस बिहार विधान सभा को एक ऐसा अध्यक्ष मिला है जो पुरे सदन को एक नजर से देखता है , प्रेम कुमार पहले ऐसे अध्यक्ष हैं जो न कि सत्ता पक्ष का ख्याल रखते हैं बल्कि विपक्ष का भी पूरा पूरा ख्याल रखते हैं और उनकी किसी भी बात को वो अनसुनी नहीं करते हैं ,वे अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हैं और यही वजह है कि बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण विषय वाले दिन भी बगैर किसी बड़े शोर शराबे के पूरी बजट की प्रक्रिया पूरी हुई और उन्हें विपक्ष का पूरा पूरा सहयोग भी मिला |आपने अक्सर देखा होगा बजट के समय सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच काफी नोंक झोंक होती है लेकिन जब से बिहार विधानसभा के अध्यक्ष की कुर्सी पर प्रेम कुमार विराजमान हुए हैं तब से सदन में शोर शराबा ना के बराबर सुनने को मिल रहा है |
प्रेम कुमार सदन में सदयों द्वारा उठाये गये सवालों को पूरी गंभीरता से सुनते हैं और सता पक्ष द्वारा दिए गये जबाब को भी वो गंभीरता से सुनते है और जबतक वो खुद नहीं संतुष्ट होते तबतक वो विभागीय अधिकारी को सीधे आसन से निर्देश देते है |उनके इस क्रियाकलाप से विपक्षी सदस्य काफी प्रभावित है और वो प्रेम कुमार के हर एक निर्देश को तब्बजो देते हैं |

गौरतलब है कि नीतीश सरकार के गठन के बाद 18वीं विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में BJP के दिग्गज नेता प्रेम कुमार को चूना गया और वे 9वीं बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं. प्रेम कुमार बीते 35 साल से गया टाउन निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंच रहे हैं. |
प्रेम कुमार गया टाउन से साल 1990 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी जय कुमार को हराकर सियासी पारी का आगाज किया. प्रेम कुमार अत्यंत पिछड़ी जाति से आते हैं और गया टाउन विधानसभा क्षेत्र का जातीय समीकरण प्रेम कुमार के अनुकूल है. प्रेम कुमार की वैश्य समाज में अच्छी पकड़ है. 70 साल के प्रेम कुमार के पास MA, एलएलबी की डिग्री है. उन्होंने 1999 में मगध यूनिवर्सिटी से PhD भी की है. 2015 से 2017 तक वे नेता विरोधी दल रहे हैं. पहली बार वे वर्ष 2005 में नीतीश सरकार में मंत्री बने थे. इसके बाद 2010, 2017 से 2020 और 2020 से 2024 तक कैबिनेट के मंत्री रहे. |
