भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बिहार राज्य सचिव मंडल और जिला सचिवों की संयुक्त बैठक सोमवार को पटना में हुई। बैठक में केन्द्र तथा राज्य में सत्तारूढ एनडीए सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पार्टी का चरणबद्ध आंदोलन को तेज करने और जिला तथा प्रखंड स्तर पर सघन अभियान चलाने का फैसला लिया गया। बैठक में राज्य में बढ़ते आपराधिक घटनाओं, पुलिसिया जुल्म, महिलाओं और छोटी-छोटी बच्चियों पर हो रहे जुल्म पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने कहा कि 26, 27 एवं 28 फरवरी, 2026 को स्थानीय ज्वलंत समस्याओं के निदान के लिए प्रखंड सह अंचल कार्यालयों पर रोषपूर्ण प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। डबल इंजन की सरकार में गरीबों पर जुल्म व अत्याचार बढ़ा है। पर्चाधारी को बेदखल करने की साजिश की जा रही है। आंदोलन के माध्यम से पार्टी बिहार सरकार के अराजक कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, भूमिहीनों को बेघर करने की बुलडोजर नीति एवं जीविका दीदियों को 10 हजार देकर दो लाख के प्रलोभन देने का भंडा फोर करेगी।
भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि भूमिहीनों को उजाड़े जाने से पहले उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी और पांच-पांच डिसिमिल भूमि और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया जाएगा, लेकिन सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्था किये बिना ही गरीबों को उजाड़ रही है। गरीबों पर कार्रवाई संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है। सरकार इस तरह की कार्रवाई के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन चलाएगी। भूमिहीनों को दस-दस डिसमल भूमि उपलब्ध कराया जाये। केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना बंद करने की साजिश कर रही है। बिहार में 54 लाख लोगों का नाम राशन कार्ड से हटाया जा रहा है। महंगाई आसमान छूने लगी है। जिसका असर गरीबों की जिंदगी पर पड़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार सभी फैसले गरीब विरोधी ले रही है। खाद्य वस्तुओं की कीमते लगातार बढ़ रही है। बैठक की अध्यक्षता रामबाबू सिंह ने की।
