पटना – बिहार विधान परिषद में बजट सत्र में गृह विभाग के आय व्यय पर विभागवार सामान्य वाद विवाद और सरकार की ओर से उत्तर देते हुए गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026- 27 के अंतर्गत राजस्व परीव्यय हेतु 18 729 करोड़ 36 लाख 77000 एवं पूंजीगत व्यय हेतु 1413 करोड़ 49 लाख 99 हजार रुपए कल 2 132 करोड़ 86 लाख 69 हजार बजट को सदन के पटल पर रखते हुए कहा कि राज्य में विधि व्यवस्था सुधार कर कानून का शासन स्थापित करने एवं आम लोगों को भय मुक्त समाज के निर्माण एवं न्याय के साथ विकास का अवसर प्रदान करने में गृह विभाग कृत संकल्पित है । राज्य में पारदर्शी एवं उत्तरदाई प्रशासन के माध्यम से अपराधों पर अंकुश लगाकर समाज के सभी वर्गों को समान एवं न्याय दिलाना तथा राज्य में सांप्रदायिक एवं जातीय सौहार्द कायम रखना राज सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है ।इस वित्तीय इस विभाग द्वारा यहां एक और राज्य के अंतर्गत विधि व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण संबंधी नीतियों का निर्धारण एवं क्रियावन सुनिश्चित किया जाता गया हैं,वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार के अधीन कार्यरत पुलिस से कारा अभियोजन गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा सैनिक कल्याण निदेशालय के पदाधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए संवर्ग नियमावली का निर्माण संवर्ग नियंत्रण एवं वित्तीय नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी संभावित किए गए हैं ।
इन लक्ष्यों की प्राप्ति में राज्य सरकार सदैव सफल रही है राज्य के आठ केंद्रीय कारा एवं 33 मंडल कारा में सीमित कंप्यूटर प्रशिक्षण संबंधी कौशल विकास के लिए 100 कंप्यूटर सेट ,2800 यूपीएस, 2800 टेबल के किराए पर कुल राशि 2.25 करोड़ का व्यय किया गया है। वही विशेष आधारभूत संरचना योजना सहित शुद्ध गृह कारा पुलिस थानों का निर्माण योजना के तहत 27 पुलिस स्थान का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है ।सिपाहियों के अवसान हेतु कुल 5951 यूनिट 12 सभी सुविधा सहित का निर्माण किया गया। जिससे 1279 यूनिट महिला सिपाहियों के लिए है ,डायल 112 पर प्राप्त होने वाले शिकायतों के आधार पर राज में घरेलू हिंसा, महिला के विरुद्ध अपराध व बच्चों से जुड़े चार लाख 30,554 से अधिक मामलों में त्वरित सहायता दी गई है। स्थानीय विवाद मारपीट वह हिंसात्मक झड़प के 26 लाख 39115 से अधिक मामलों में सहायता उपलब्ध कराई गई। सड़क दुर्घटना के 218400 वॉट से अधिक मामलों में तत्काल मदद पहुंचा कर जान बचाई गई है ।आग लगी के 122466 मामलों में घटना स्थल पर तुरंत फायर ब्रिगेड की टीम भेज कर जान माल की सुरक्षा की गई है। 16 लाख 89 हजार 057 मामले में त्वरित सहायता दी गई। त्वरित कार्रवाई के फल स्वरुप राज्य में वर्ष 2025 में विगत वर्ष की तुलना में डकैती के मामलों में 15.39 प्रतिशत, महिला के विरुद्ध 9% ,चोरी में 5593% ,दंगा में 15. 82% की गिरावट दर्ज की गई है। स्कूल ,कॉलेज ,कोचिंग आदि भेदभाव वाले सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं बालिकाओं को संरक्षण प्रदान करने हेतु जिला के सभी थाना क्षेत्र में चिन्हित हॉटस्पॉट की संख्या के आधार पर अभया ब्रिगेड का गठन किया गया है ।इन स्थानों पर पुलिस की गस्ती हेतु 1500 स्कूटी एवं 3200 मोटरसाइकिल का क्रय किया जा रहा है। साइबर अपराध की रोकथाम एवं कार्रवाई हेतु विशेष रूप से नेशनल साइबर क्राईम रिर्पोटिंग पोर्टल राज के सभी जिलों में कार्यरत हैं ।संपूर्ण राज्य में 2025 में 133030 शिकायतें प्राप्त हुई है राज्य में साइबर अपराध से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम के क्रियामन हेतु साइबर जागरूकता शाखा संचालित हैं ।वर्ष 2025 में मध निषेध के तहत राज्य से बाहर के कुल 1264 अभियुक्त की गिरफ्तारी बिहार राज्य के अंदर की गई है। वर्ष 2025 में राज्य में शराबबंदी कानून के तहत कुल 64631 कांड दर्ज किए गए हैं ।जिसमें 12575 अभिक्रिया की गिरफ्तारी हुई है । कुल 37 लाख 75,321 लीटर शराब बरामद किए गए हैं ।तथा 16507 वाहन जप्त किए गए ।वही एसटीएफ के द्वारा विभिन्न जिलों के मोस्ट वांटेड कल 130 इनामी नक्सली है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में सुशासन के साथ न्याय की सरकार कायम है ।यह बिहार 2005 के पहले वाला राज्य नहीं है ।अब त्वरित न्याय लोगों को दिलाई जाती है ।राज्य की जनता को न्याय पर विश्वास होने के कारण एनडीए को प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई है।
