परिवहन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति में भारी लापरवाही बरतने पर सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों के 10 डीटीओ (जिला परिवहन पदाधिकारी), 10 एडीटीओ (अपर जिला परिवहन पदाधिकारी), कई एमवीआई (मोटर यान निरीक्षक) और ईएसआई (प्रवर्तन अवर निरीक्षक) सहित कुल 40 पदाधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। इन अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है, अन्यथा विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने विगत दिनों में विभागीय समीक्षा बैठक की, जहां डीटीओ, एमवीआई, ईएसआई आदि के कार्य को असंतोषजनक बताते हुए सुधार के लिए दो महीने का समय दिया था। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद इन पदाधिकारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि आगे चलकर पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति/पदस्थापन उनके कार्य-प्रदर्शन के आधार पर ही सुनिश्चित की जाएगी।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, कई जिलों में राजस्व वसूली लक्ष्य का महज 8 से 14 प्रतिशत ही हुई है।
भागलपुर डीटीओ जनार्दन कुमार-
लक्ष्य: 200 लाख रुपये, वसूली: मात्र 8 प्रतिशत।
छपरा डीटीओ लतीफुर अंसारी- लक्ष्य: 400 लाख रुपये, वसूली: 8.2 प्रतिशत।
मधुबनी डीटीओ राम बाबू-
लक्ष्य: 200 लाख रुपये, वसूली: 8.6 प्रतिशत।
मुजफ्फरपुर डीटीओ कुमार सत्येंद्र यादव- लक्ष्य: 300 लाख रुपये, वसूली: 9.2 प्रतिशत।
पटना डीटीओ उपेंद्र कुमार पाल- लक्ष्य: 400 लाख रुपये, वसूली: 10 प्रतिशत।
सीतामढ़ी डीटीओ प्रशांत कुमार— लक्ष्य: 160 लाख रुपये, वसूली: 10 प्रतिशत।
किशनगंज डीटीओ दीक्षित श्वेता— लक्ष्य: 150 लाख रुपये, वसूली: 12 प्रतिशत (लगभग)।
अरवल डीटीओ अमनप्रीत सिंह — लक्ष्य: 150 लाख रुपये, वसूली: 14.6 प्रतिशत।
रोहतास, समस्तीपुर आदि जिलों में भी लक्ष्य से काफी कम वसूली दर्ज की गई।
नोटिस प्राप्त पदाधिकारी
डीटीओ स्तर: भागलपुर, छपरा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पटना, सीतामढ़ी, किशनगंज, अरवल, रोहतास, समस्तीपुर आदि।
एडीटीओ स्तर:
किशनगंज के एडीटीओ सलीम प्रशांत, मधुबनी के एडीटीओ उपेन्द्र राव, पटना के एडीटीओ पिंकू कुमार, मुजफ्फरपुर के दो, सीतामढ़ी, वैशाली, भोजपुर, सिवान, मोतिहारी आदि।
एमवीआई स्तर:
मुजफ्फरपुर के एमवीआई सिधु कुमार , बेतिया के अनुप कुमार सिंह, नवादा के पार्थ सारथी, मोतिहारी, मधुबनी, गया (दो) आदि।
ईएसआई/प्रवर्तन अवर निरीक्षक:
भोजपुर (दो), सुपौल, मधुबनी, बेतिया, बक्सर, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, लखीसराय, नवादा आदि।
विदित हो कि माननीय परिवहन मंत्री के निर्देशानुसार विभागीय पदाधिकारियों द्वारा गत कुछ महीनों में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन निबंधन सहित अन्य लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु विशेष प्रयास किए गए हैं। परिणामस्वरूप लंबित मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। राजस्व संग्रहण में वृद्धि के उद्देश्य से आगामी 15 दिनों के भीतर संबंधित पदाधिकारियों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी, ताकि कार्यप्रणाली में और सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
