शिव ही शक्ति हैं, शिव आदि देव हैं शिव देवों के देव महादेव हैं। शिव सिर्फ देव नहीं एक संपूर्ण चेतना हैं। शिव का निवास रहस्यमयी कैलाश है। महादेव के सर्वमान्य और चर्चित 12 ज्योतिर्लिंग हैं। महादेव के आंसू रूद्राक्ष बन गये। अलग अलग तरह के रूद्राक्ष का अलग अलग विशेष महत्व और उपयोग होता है। इसके अलावा कई अन्य शिवमंदिर हैं जो क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर श्रद्धा और भक्ति क प्रतीक हैं। विविधताओं से भरे शिव के अनेकानेक अलग अलग तत्व हैं। इन तत्वों को एक जगह संग्रहित करने की कोशिश की है पटना के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक जितेन्द्र कुमार सिन्हा ने अपनी पहली प्रकाशित पुस्तक “शिव तत्व” में।
ये बातें वरिष्ठ पत्रकार और समीक्षक मुकेश महान ने पुस्तक के लोकार्पण समारोह में कही। किसी नामी-गिरामी वयक्तित्व बड़े सेलेव्रेटी की जगह पत्रकार और वकील जैसे वुद्दिजीवियों के बीच इस पुस्तक को लोकार्पित करते हुुए लेखक जितेन्द्र कुमार सिन्हा खुद को गौरवान्वित महसूस करते हैं और कहते हैं कि मुझे खुशी है कि मेरे इस पुस्तक का विमोचन पाठकों के बीच हुआ है और पाठको ने किया है। साफ है कि यह पुस्तक यहां से घर जाने के बाद अलमारी के किसी कोने में रखे जाने की जगह पढ़ी जाएगी।
पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के ग्लोबल उपाध्यक्ष दीपक अभिषेक ने कहा कि जितेन्द्र सिन्हा लगातार अखबारों और सोशल मीडिया पर लिखते रहे हैं। आज उनकी पहली पुस्तक “शिव तत्व” देख कर बड़ी खुशी हुई।
वहां उपस्थित एक और पत्रकार नील कमल ने कहा कि यह खुशी की बात है कि पत्रकार से अब जितेन्द्र कुमार सिन्हा लेखक और पुस्तक लेखक बन गए हैं। उनका विषय भी आम लोगों की पसंददीदा विषय है। मेरी शुभकामनाएं उनके साथ है।
मौके पर पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता और जीकेसी के बिहार प्रदेश महासचिव संजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज धर्म और भक्ति पर फिर से लिखे जाने के महत्व को समझते हुुए जितेन्द्र जी ने अपनी पहली पुस्तक लिखी है “शिव तत्व”। धर्म, आस्था और भक्ति जैसे विषयों पर उनका गहरा अध्ययनऔर लेखन को स्थापित करता है यह पुस्तक।
गौरतलब है कि इसी महीने इस पुस्तक का प्रकाशन दिल्ली के एक प्रकाशक ऑरेंज बुक्स पब्लिकेशन ने किया है। किसी बड़े समारोह में इसके लोकार्पण करने की जगह लेखक ने छोटे स्तर पर अलग-अलग जगहों पर लोकार्पण और पुनः लोकार्पण का नया प्रयोग किया है। इसी क्रम में मंगलवार को इस पुस्तक का विमोचन पटना के पुनाईचक में किया गया।
