युद्ध कौशल, पराक्रम, अदम्य साहस व अतुल्य शौर्य के प्रतीक और प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1857 के रणबांकुरे सेनानायक वीर कुंवर सिंह जी की जयंती पर बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने उन्हें कोटिशः नमन करते हुए भावभीनी भावांजलि अर्पित की। सन् 1857 के भारतीय स्वाधीनता संग्राम में साहसी सेनानायक के रूप में उनका योगदान अतुलनीय एवं अविस्मरणीय है।
उन्होंने अपनी अंतिम श्वास तक मातृभूमि की रक्षार्थ स्वयं को समर्पित कर दिया। उल्लेखनीय है कि 23 अप्रैल 1858 को जगदीशपुर के निकट लड़ी गई उनकी अंतिम लड़ाई में ईस्ट इंडिया कंपनी के नियंत्रण वाली सेना पूर्णतः परास्त हो गई थी। उन्होंने 80 वर्ष की आयु में अपनी अद्वितीय वीरता और युद्ध कौशल का परिचय दिया था। ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध आन-बान-शान की लड़ाई लड़ने वाले महान देशभक्त और अमर बलिदानी वीर कुंवर सिंह की वीरगाथा सदैव युवाओं को राष्ट्र-सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
