राज्यसभा सांसद शिवेश राम ने तेजस्वी यादव पर हमला करते हुए कहा कि नई दिल्ली में खगड़िया निवासी युवा पांडव कुमार की मृत्यु अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। भारतीय जनता पार्टी शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती है। दोषी को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
लेकिन राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री तेजस्वी यादव द्वारा इस घटना को “बिहारी होने के अपराध” से जोड़ना न केवल भ्रामक है, बल्कि पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना और दुर्भाग्यपूर्ण भी है। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट है कि यह घटना किसी जातीय या क्षेत्रीय पहचान के कारण नहीं, बल्कि एक आपसी विवाद के चलते हुई आपराधिक घटना है।

तेजस्वी यादव जी को याद रखना चाहिए कि बिहार ने उनके माता-पिता के शासनकाल में “जंगलराज” का वह दौर देखा है, जब अपराध, अपहरण और हत्याएं आम बात थीं और बिहारियों को अपने ही राज्य में असुरक्षा का सामना करना पड़ता था। उसी दौर में सबसे अधिक पलायन हुआ और बिहार की छवि को गहरा आघात पहुंचा।
आज वे जिन “बिहारियों के सम्मान” की बात कर रहे हैं, उस सम्मान को सबसे अधिक ठेस उनके ही शासनकाल में पहुंची थी। एक आपराधिक घटना को “बिहारी बनाम बाकी देश” का रूप देकर राजनीतिक रोटियां सेकना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह पीड़ित परिवार के साथ भी अन्याय है।
भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मत है:
अपराधी का कोई जाति, धर्म या राज्य नहीं होता, वह सिर्फ अपराधी होता है।
कानून से ऊपर कोई नहीं है, दोषी को हर हाल में सजा मिलेगी।
किसी भी कीमत पर बिहारियों के सम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा।
तेजस्वी यादव जी से अपेक्षा है कि वे इस संवेदनशील विषय पर राजनीति करने के बजाय जिम्मेदारी दिखाएं और तथ्यों के आधार पर बात करें। बिहार की जनता अब सच्चाई को समझती है और भ्रामक राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
