मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय (4) देशरत्न मार्ग) स्थित ‘संवाद’ में सहयोग शिविर से संबंधित सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 एवं सहयोग पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in) रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम का रिमोट के माध्यम से लोकार्पण किया।

कार्यक्रम के दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ० बी० राजेन्दर ने मुख्यमंत्री को सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 एवं सहयोग पोर्टल के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। डॉ० बी० राजेन्दर ने बताया कि आमजनों की समस्या का समाधान बिहार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सहयोग हेल्पलाइन नंबर एवं सहयोग पोर्टल का लोकार्पण किया जा रहा है। सहयोग शिविर कार्यक्रम के माध्यम से पंचायत स्तर पर प्रत्येक माह के पहले एवं तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर का आयोजन किया जायेगा जिसमें लोगों की समस्याओं का निष्पादन होगा। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन दिया जा सकता है। 30 दिनों के अंदर हर हाल में आवेदन का निष्पादन करके उसका अनुपालन सहयोग पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। उच्च पदाधिकारियों द्वारा आवेदन पत्रों की ट्रैकिंग तथा रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गयी है। सहयोग पोर्टल पर अनुश्रवण की भी सुविधा रहेगी। सहयोग शिविर कार्यक्रम का मकसद नागरिकों की समस्याओं का एकीकृत एवं पारदर्शी ढंग से निपटारा करना है।

मुख्यमंत्री के समक्ष सहयोग शिविर से संबंधित सहयोग हेल्पलाइन नंबर-1100 एवं सहयोग पोर्टल पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।
इस अवसर पर सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ० बी० राजेन्दर ने मुख्यमंत्री को पौधगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहाँ इस कार्यक्रम में उपस्थित तथा वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से बिहार के विभिन्न हिस्सों से जुड़े सभी मंत्रियों एवं पदाधिकारियों का मैं स्वागत करता हूं। उन्होंने कहा कि ‘सबका सम्मान जीवन आसान’ निश्चय के तहत बिहार सरकार आम नागरिकों की समस्याओं को प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से समाधान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी भी कई यात्राएं करके लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने की हर संभव कोशिश करते रहे हैं। हमलोगों ने यह तय किया है कि अब पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाकर समस्याओं का निपटारा 30 दिनों के अंदर किया जायेगा। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक इसका रियल टाइम मॉनिटरिंग करेंगे। सहयोग शिविर में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी लोगों की समस्याओं का समाधान त्वरित, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से 30 दिनों के अंदर हर हाल में सुनिश्चित करेगें। इसके लिए प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को बिहार के सभी पंचायतों में सहयोग शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक यह परिपाटी रही है कि लोग जिलाधिकारी को आवेदन देते हैं और वे संबंधित पदाधिकारी को अग्रसारित कर देते हैं। उस आवेदन के निष्पादन का कोई समय सीमा निर्धारित नहीं थी जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी। हमलोगों ने इसको ध्यान में रखते हुए न सिर्फ पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है बल्कि 30 दिनों के अंदर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का डेडलाइन भी तय किया है। अगर 30 दिनों के अंदर संबंधित पदाधिकारी आवेदन का निष्पादन कर आदेश पारित नहीं करते हैं, फाइल अटकाते हैं या इस काम में कोताही बरतते हैं तो वह स्वतः 31वें दिन निलंबित हो जायेंगे। सहयोग शिविर के काम में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध ऑनलाइन पोर्टल पर ही उसके सस्पेंड होने का फॉर्मेट जेनरेट हो जाएगा, ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। अधिकारियों से विशेष आग्रह है कि अगर विकास का कोई कार्य है या सड़क, बिजली, पानी आदि से जुड़ी जनता की कोई मूलभूत आवश्यकता है तो उसको ध्यान में रखते हुए सरकार फैसला लेगी, लेकिन निचले स्तर पर प्रखंड, अंचल या थाना से संबंधित किसी व्यक्ति की कोई समस्या है तो उसका निपटारा 30 दिनों के अंदर हर हाल में सुनिश्चित करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन से संबंधित समस्याओं का समाधान भी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करना है। सभी भूमि का रिकॉर्ड रहना चाहिये, उसके स्वामित्व का भी रिकॉर्ड रखें। अगर जमीन सरकार की है तो उसका भी ब्योरा रखें ताकि सरकार की जानकारी में रहे कि यह सरकारी जमीन है। इस प्रकार के भूखंड पर यदि कोई 40, 30 या 20 वर्षों से रह रहा है उसका ब्योरा भी रखें। जनता के द्वारा चुनी हुई यह सरकार है इसलिए सरकारी जमीन पर बसे लोगों की चिंता करना भी हम सबका दायित्व है। आई०टी० विभाग द्वारा सभी प्रखंड, अंचल एवं थानों में सी०सी०टी०वी० कैमरा लगाने का काम चल रहा है ताकि वहाँ की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। उन्होंने कहा कि 11 अंक काफी शुभ माना जाता है। आज 11 तारीख है और सहयोग हेल्पलाइन नंबर भी 11 से शुरू है। इस शुभ बेला में शुभ कार्य की शुरुआत हो रही है। इसका पूरा लाभ बिहार की जनता को मिलेगा। सहयोग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन के अलावा मामले के निष्पादन के बाद ऑनलाइन ऑर्डर देखने की भी सुविधा उपलब्ध होगी। सभी पंचायतों में पंचायत सरकार भवन का निर्माण किया जा रहा है। हमलोगों की यह कोशिश है कि पंचायत का काम पंचायत स्तर पर ही हो सके। पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी की भी यही सोच रही है। इस काम की मॉनीटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय से भी होगी। सी०एम०ओ० में इसका डैश बोर्ड डाला गया है। कचरा प्रबंधन, भूमि विवाद या पुलिस से संबंधित कोई भी स्थानीय स्तर पर समस्या हो उसका 30 दिनों के अंदर निपटारा किया जाएगा। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक निरंतर इसकी मोनिटिंग करेंगे। सभी अधिकारी भी रोस्टर बनाकर कम से कम 5 पंचायतों में जाकर मामलों को चेक करेंगे तभी रियल टाइम मॉनीटरिंग होगी और लोगों की समस्याओं का ससमय निपटारा होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक लोगों के आवेदन आने बंद नहीं होंगे तब तक यह सहयोग शिविर चलता रहेगा। इसका मूल मकसद लोगों की समस्याओं का यथाशीघ्र निष्पादन करना है। मंत्रियों एवं अधिकारियों से मेरा आग्रह है कि 20 सूत्री की बैठक और सहयोग शिविर में शामिल होकर लोगों की समस्याओं का निपटारा करने में अपनी अहम भूमिका निभायें। सात निश्चय योजना के तहत जो विकास कार्य हो रहे हैं उनका भी विशेष रूप से ख्याल रखें। हमलोगों का यही प्रयास है कि लोगों का जीवन आसान बने। आप सभी के सहयोग से ही बिहार समृद्ध होगा और लोगों का जीवन आसान बनेगा।

कार्यक्रम को उप उमुख्यमंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल, नगर विकास एवं आवास विभाग मंत्री श्री नीतीश मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक श्री विनय कुमार, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे जबकि वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंत्रीगण, जिलों के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक / अधीक्षक एवं वरीय अधिकारी जुड़े हुये थे।
