लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए ज़िलाधिकारी, पटना के निदेश पर पटना जिलांतर्गत 17 नगर निकायों एवं 26 अंचलों में जनहित में पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। सार्वजनिक स्थलों, चौक-चौराहों तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में राहगीरों, रिक्शा चालकों, श्रमिकों, दुकानदारों और आम लोगों के लिए प्याऊ एवं पेयजल की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है।

पटना जिला में 17 नगर निकायों द्वारा कुल 400 स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था की गई है। साथ ही 15 आश्रय स्थलों का भी संचालन किया जा रहा है। पीएचईडी द्वारा 46 चलंत चापाकल मरम्मति दलों को विभिन्न प्रखंडों में तैनात किया गया है। पीएचईडी पटना पूर्व एवं पश्चिम का नियंत्रण कक्ष भी क्रियाशील है। जिले में पेयजल का कोई संकट नहीं है। पीएचईडी के कार्यपालक अभियंताओं को ग्रामीण क्षेत्रों में सभी चापाकलों को क्रियाशील रखने का निदेश दिया गया है।
अगर कोई चापाकल खराब होने की सूचना प्राप्त हो तो वे इसे मरम्मति दलों के माध्यम से तुरत ठीक कराएंगे। वे भू-गर्भ जल-स्तर की लगातार समीक्षा करेंगे एवं तदनुसार कार्रवाई करेंगे। पटना ज़िला में चापाकल मरम्मति, हर घर नल का जल, पंचायती राज विभाग द्वारा हस्तांतरित जलापूर्ति योजनाओं तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना से संबंधित शिकायत दर्ज करने के लिए जिला नियत्रंण कक्ष (लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, पटना पूर्व -0612-2225796 तथा लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, पटना पश्चिम -0612-2280879) पर सुबह 10 बजे से शाम 06 बजे तक सूचना एवं शिकायत दर्ज की जा सकती है।
नगर क्षेत्रों में भी कार्यपालक पदाधिकारियों को चापाकलों को क्रियाशील रखने तथा सार्वजनिक स्थलों पर समुचित संख्या में प्याऊ की व्यवस्था रखने का निदेश दिया गया है। पदाधिकारियों को सम्पूर्ण पटना जिला के सभी आँगनबाड़ी केन्द्रों, पंचायतों, विद्यालयों सहित सभी सार्वजनिक स्थलों, चौक-चौराहों, हाटों, बाजारों, बस स्टैण्ड एवं अन्य भीड़-भाड़ वाले जगहों पर सार्वजनिक पेयजल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं उप विकास आयुक्त, पटना को अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया है।…..जिलाधिकारी, पटना
