राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर बिहार का गौरव बढ़ाने वाली रोहतास जिले की तेलकप ग्राम पंचायत की मुखिया श्रीमती अनीता टोप्पो को दीपक प्रकाश, माननीय मंत्री, पंचायती राज विभाग, बिहार ने हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अनीता टोप्पो को नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार (राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार) श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है।
इस अवसर पर पंचायती राज विभाग, बिहार के निदेशक ने भी माननीय मुखिया को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया तथा उनकी उपलब्धि की सराहना की। निदेशक, पंचायती राज विभाग, बिहार ने ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव के कार्यों की सराहना करते हुए पंचायत स्तर पर संचालित विकास कार्यों एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार बताया।

पंचायती राज मंत्री, बिहार ने ग्राम पंचायत में संचालित विकास कार्यों एवं स्थानीय चुनौतियों की जानकारी प्राप्त की। विशेष रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्धता एवं साफ–सफाई जैसे विषयों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि तेलकप ग्राम पंचायत के कुछ वार्डों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता अभी भी एक प्रमुख चुनौती है, जिसे दूर करने हेतु विभाग द्वारा हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने पंचायत को जनहित एवं सतत विकास के कार्यों को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राज्य की अन्य ग्राम पंचायतों को तेलकप से प्रेरणा लेते हुए जनहित की दिशा में समर्पित हो कर कार्य करना चाहिए।
माननीय मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत में विकास एवं जनहित की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों से अवगत होने के लिए वे शीघ्र ही तेलकप ग्राम पंचायत का दौरा करेंगे।

इस अवसर पर माननीय मंत्री ने पंचायतों को आय के स्वयं के स्रोत विकसित करने की दिशा में कार्य करने पर बल देते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों की आत्मनिर्भरता से ग्रामीण विकास को नई मजबूती मिलेगी तथा पंचायतें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेंगी।
माननीय मुखिया श्रीमती अनीता टोप्पो ने कहा कि यह सम्मान ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों एवं ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पुरस्कार राशि का उपयोग ग्राम पंचायत में सभी वर्गों के हित में विकासात्मक कार्यों के लिए किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला पंचायत संसाधन केंद्र द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने उनके क्षमता संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे पंचायत संचालन एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में काफी सहायता मिली।
