RJD leader and Leader of Opposition in Bihar Assembly Tejashwi Yadav | PTI
25 जुलाई 2013 को प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने कहा था कि केंद्र सरकार और रूपये के गिरने का कम्पीटीशन चल रहा है कि कौन कितना गिरेगा?
आज रूपया सबसे निचले स्तर पर पहुंच कर पूरे एशिया में रुपए सबसे कमजोर मुद्रा बन चुका है।

मोदी जी के नेतृत्व में रुपए में लगातार गिरावट का यह आठवां साल है। विगत 12 वर्षों में रुपया अपनी आधी कीमत खो चुका है। देशवासियों को गुमराह करते हुए प्रधानमंत्री कहते है कि भारत दुनिया की शीर्ष की बड़ी अर्थव्यवस्था है लेकिन अमेरिकी डॉलर में प्रति व्यक्ति GDP देखें तो भारत दुनिया में 16वें नंबर पर बांग्लादेश से भी पीछे है।
विजनलेस NDA सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। महंगाई-गरीबी और बेरोजगारी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए है। देश के सबसे पिछड़े और गरीब राज्य बिहार के वित्तीय हालात तो सबसे ख़राब है।

एलपीजी गैस, पेट्रोल-डीजल, खाद-बीज, पढ़ाई-दवाई-सिंचाई समेत सभी वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं। राशन, तेल, दाल, दूध और रोजमर्रा की जरूरत के सामान आम लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए घर चलाना मुश्किल हो चुका है। खानपान से लेकर यातायात तक हर चीज महंगी हो गई है लेकिन NDA की कथित डबल इंजन सरकार के पास महंगाई पर लगाम लगाने का कोई ठोस रोडमैप नहीं है।
देश के प्रधान और डबल इंजन सरकार के पास महंगाई की इस मेलोडी पर लगाम लगाने की कोई रेमेडी नहीं है। डबल इंजन सरकार में बेरोजगारी, ग़रीबी और महंगाई ट्रबलिंग रेट पर कई गुना बढ़ रही है। बिहार में शासन का संचालन ऐसे हो रहा है मानो लगता है यहाँ किसी सरकार का कोई अस्तित्व है ही नहीं। NDA सरकार को आम जनता की जरा भी फिक्र नहीं है।
