बिहार सरकार की सात निश्चय-3 के अंतर्गत “समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार” के लक्ष्य को साकार करने के लिए राज्य में चीनी उद्योग एवं गन्ना आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके लिए गन्ना उद्योग विभाग व्यापक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कर रहा है।
विदित हो कि गन्ना उद्योग विभाग द्वारा नई चीनी मिलों की स्थापना, निवेश प्रोत्साहन, तकनीकी सहयोग, गन्ना क्षेत्र विस्तार तथा किसानों की आय वृद्धि को केंद्र में रखकर कार्य किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी पहल की निगरानी एवं क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो विभिन्न परियोजनाओं एवं निवेश प्रस्तावों की नियमित समीक्षा कर रही है।
सकरी एवं रैयाम चीनी मिलों के पुनरुद्धार को मिली गति
राज्य सरकार एवं सहकारिता विभाग द्वारा राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ (एनएफसीएसएफ), नई दिल्ली के साथ महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया गया है। इस समझौते के अंतर्गत बंद पड़ी सकरी एवं रैयाम चीनी मिलों की तकनीकी एवं आर्थिक संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन कराया गया है। एनएफसीएसएफ द्वारा दोनों चीनी मिलों की संभाव्यता फिजिब्लिटी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। गत दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सकरी एवं रैयाम चीनी मिलों के पुनः संचालन हेतु इंडियन पोटाश लिमिटेड से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। राज्य सरकार का मानना है कि इन ऐतिहासिक चीनी मिलों के पुनरुद्धार से मिथिलांचल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा गन्ना किसानों को बेहतर बाजार एवं आर्थिक मजबूती प्राप्त होगी।
चनपटिया चीनी मिल: परिसंपत्तियों की सुरक्षा एवं पुनरुद्धार की पहल
चनपटिया चीनी मिल से संबंधित मामला वर्तमान में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। राज्य सरकार इस मामले के त्वरित निष्पादन के लिए लगातार प्रयासरत है। मुख्य सचिव, बिहार द्वारा भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय को आवश्यक कार्रवाई हेतु अनुरोध किया गया था, जिसके आलोक में कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं राज्य सरकार को चीनी मिल की भूमि एवं परिसंपत्तियों को अतिक्रमण से सुरक्षित रखने हेतु प्रभावी कदम उठाने का अनुरोध किया गया है। इसके अनुपालन में जिला पदाधिकारी, पश्चिम चंपारण को परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है।
सासामुसा एवं बारा चकिया चीनी मिलों पर भी प्रगति
बंद पड़ी सासामुसा चीनी मिल का मामला एनसीएलटी, कोलकाता बेंच में परिसमापन (Liquidation) प्रक्रिया में है। इस मिल के पुनः संचालन हेतु विभिन्न निवेशकों द्वारा प्रस्ताव Liquidator को प्राप्त हुए हैं, जिस पर गन्ना उद्योग विभाग द्वारा सकारात्मक सहमति प्रदान की गई है। इसी प्रकार, बारा चकिया चीनी मिल, जो पूर्व में ब्रिटिश इंडिया कॉर्पोरेशन (BIC) समूह की इकाई थी, वर्ष 1994-95 से बंद है। इस मिल से संबंधित मामला वर्तमान में माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित है। इसके बावजूद राज्य सरकार पुनरुद्धार की दिशा में लगातार प्रयासरत है। NFCSF द्वारा मोतिहारी क्षेत्र में नई चीनी मिल स्थापना हेतु संभाव्यता प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है।
बिहार में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की दिशा में तेज कार्रवाई
राज्य सरकार द्वारा बिहार में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके लिए मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, समस्तीपुर, गया, शिवहर, सीवान, रोहतास, मोतिहारी, पश्चिम चंपारण, पटना, पूर्णिया, वैशाली, सारण, नवादा, बक्सर, भोजपुर, बेगूसराय, खगड़िया, जमुई, भागलपुर, नालंदा, बांका, मधेपुरा, मधुबनी एवं दरभंगा सहित विभिन्न जिलों में उपयुक्त भूमि चिन्हित करने हेतु संबंधित जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। नवादा, पूर्वी चंपारण एवं सारण जिलों से प्रारंभिक प्रतिवेदन प्राप्त हो चुके हैं तथा अन्य जिलों से भी रिपोर्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। विभाग द्वारा संभावित निवेशकों को स्थल निरीक्षण भी कराया जा रहा है।
बिहार राज्य गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 अंतिम चरण में
राज्य में निवेशकों को आकर्षित करने तथा चीनी उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से वर्ष 2014 की प्रोत्साहन नीति को संशोधित कर “बिहार राज्य गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026” तैयार की गई है। यह नीति वर्तमान में अंतिम चरण में है। नई नीति में निवेशकों को अधिक आकर्षक प्रोत्साहन, आधारभूत संरचना सहयोग एवं उद्योग स्थापना से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विशेष बल दिया गया है। विभाग लगातार देश-विदेश के संभावित निवेशकों के संपर्क में है तथा शीघ्र ही निवेशक सम्मेलन (Investor Meet) आयोजित करने की योजना है।
AI एवं आधुनिक तकनीक से गन्ना विकास को नई दिशा
राज्य सरकार गन्ना उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित कृषि मॉडल को बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्य कर रही है। इसके लिए वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट, पुणे, शुगरकेन ब्रीडिंग इंस्टीट्यूट (SBI), कोयंबटूर एवं IIT पटना के साथ तकनीकी सहयोग एवं कंसल्टेंसी सेवाओं हेतु प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन संस्थानों के सहयोग से उन्नत प्रभेद, आधुनिक कृषि तकनीक, रोग एवं कीट प्रबंधन, जल प्रबंधन तथा डेटा आधारित खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
गन्ना किसानों की आय वृद्धि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम, गन्ना यंत्रीकरण योजना, गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार योजना एवं बिहार राज्य गुड़ उद्योग कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र, उन्नत बीज, तकनीकी प्रशिक्षण एवं बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से गन्ना उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने एवं किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। साथ ही गन्ना आधारित उद्योगों के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की संभावना है।
बिहार सरकार राज्य में चीनी उद्योग के पुनर्जागरण हेतु प्रतिबद्ध है। बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार एवं नई मिलों की स्थापना से राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। हमारा उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि गन्ना किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार के अवसर सृजित करना एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।
