जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता हिमराज राम एवं प्रदेश प्रवक्ता परिमल कुमार ने जारी बयान में कहा कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का सरकारी अस्पतालों में रेफरल प्रणाली को सुदृढ़ करने का फैसला ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत आगामी 15 जुलाई से राज्य के सभी जिला अस्पतालों में नई रेफरल प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे मरीजों को अनावश्यक रूप से बड़े मेडिकल काॅलेजों और उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

यह व्यवस्था स्वास्थ्य संस्थानों की जवाबदेही बढ़ाने के साथ-साथ जिला अस्पतालों की चिकित्सा क्षमता और संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी सुनिश्चित करेगी। जिन मरीजों का उपचार जिला स्तर पर संभव है, उन्हें वहीं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जबकि गंभीर एवं विशेष चिकित्सा की आवश्यकता वाले मरीजों को वैज्ञानिक और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत उच्च संस्थानों में रेफर किया जाएगा। इससे गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्राप्त होंगी।
स्वास्थ्य सेवा केवल उपचार का विषय नहीं, बल्कि आम लोगों के सम्मान और सुविधा से भी जुड़ा हुआ है। राज्य की वर्तमान एनडीए सरकार की यह पहल मरीजों को उनके घर के नजदीक बेहतर इलाज उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाने और चिकित्सा व्यवस्था को अधिक उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत कुमार की प्राथमिकता है कि हर नागरिक को समयबद्ध, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिले तथा स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हो।

उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि नई रेफरल प्रणाली के लागू होने से बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा तथा आम मरीजों को इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
