भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में गरीबी बढ़ी है। सरकार अपनी पीठ थपथपाने के लिए अलग-अलग रिपोर्ट प्रकाशित कर गरीबी कम करने का दावा करती है ताकि कल्याणकारी योजनाओं को बंद किया जा सके। नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट भी सरकार को खुश करने वाला है।

भाकपा राज्य सचिव ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार में तेजी से गरीबी घटी है। गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वालों की संख्या 51.89 फीसद से घटकर 33.76 फीसद आ गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लोगों की आमदनी बढ़ी है और खर्च करने का स्तर भी बढ़ा है। बिहार सरकार द्वारा कराई गई जातीय जनगणना के अनुसार बिहार में 94 लाख परिवारों की औसत आमदनी 6000 रुपये से कम है।
इसके बावजूद नीति आयोग की रिपोर्ट में कहा गया कि बिहार में प्रति व्यक्ति आय 76,490 रुपये है। इससे साफ सपष्ट हो रहा है कि सरकार का गरीबी कम होने का दावा पूरी तरह झूठ का पुलिंदा है। मोदी सरकार के कार्यकाल में महँगाई आसमान छू रही है। खाद्य वस्तुओं की कीमत लगातार बढ़ रही है। उच्च महँगाई दर की वजह से चैतरफा खपत कम रही है। यह असर कम आमदनी वाले ग्रामीण इलाकों में ज्यादा नजर आ रहे हैं। लोगों का क्रय शक्ति में कमी आई है। इसके वाबजूद सरकार गरीबी कम करने का दावा कर रही है। गरीबी कम होने का दावा पूरी तरह निराधार और भ्रामक है। सरकार की मंशा कल्याणकारी योजनाओं को बंद करना है।
