पटना के नौबतपुर में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और बिहार सरकार के समन्वित प्रयासों से राज्य में कृषि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को नई गति मिल रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि विभाग के लिए 2525.43 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जबकि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत बिहार को 1366.29 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
नौबतपुर स्थित बीज गुणन प्रक्षेत्र में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बिहार के कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, कृषि विभाग, बिहार के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल के अलावा विभाग के अधिकारियों और पटना से आए सैकड़ों किसानों ने हिस्सा लिया।
श्री चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं कृषोन्नति योजना के तहत दलहन, तेलहन, मक्का, मिलेट्स एवं जूट के क्षेत्र विस्तार के साथ-साथ कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए अनेक परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इसके अंतर्गत 304 भंडारण गोदामों, 800 पक्का थ्रेसिंग फ्लोर, 11 दाल मिल, 102 तेल प्रसंस्करण इकाइयों तथा 204 कोल्ड प्रेस तेल इकाइयों की स्थापना की जाएगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने हेतु 246 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिसके तहत 267 फार्म मशीनरी बैंक, 480 किसान ड्रोन तथा 200 फसल अवशेष प्रबंधन कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित किए जाएंगे। किसानों को 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती और जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए 65 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। राज्य में फार्मर रजिस्ट्री और डिजिटल कृषि कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक 53.90 लाख किसानों का फार्मर आईडी बनाया जा चुका है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार लीची, मखाना और मशरूम उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। मखाना बोर्ड के गठन तथा 476 करोड़ रुपये की केंद्रीय योजना से मखाना क्षेत्र के विस्तार, प्रसंस्करण और निर्यात को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन पहलों से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा बिहार कृषि विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
इस अवसर पर बिहार के कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि मिट्टी, किसान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का जन-अभियान है। उन्होंने बिहार आगमन पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की नई शुरुआत हुई है।
श्री सिन्हा ने कहा कि “खेत बचाओ – जीवन बढ़ाओ” अभियान का मुख्य उद्देश्य खेतों और मिट्टी को रासायनिक प्रदूषण से बचाना तथा किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी जांच और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि बिना मिट्टी जांच के रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है और उत्पादकता पर भी असर पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि 1 जून 2026 से अब तक राज्य के सभी 38 जिलों में 3,172 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 2 लाख 16 हजार से अधिक किसानों ने भाग लिया है। साथ ही 12 से 20 जून के बीच प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 52 विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक किसान को मिट्टी जांच एवं सॉइल हेल्थ कार्ड से जोड़ने, एग्रीस्टैक एवं किसान रजिस्ट्री अभियान को गति देने तथा भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि मिट्टी बचेगी, खेत बचेंगे, किसान समृद्ध होंगे और आने वाली पीढ़ियां स्वस्थ रहेंगी।
