राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। श्री गगन ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्य से स्पष्ट है कि यह कोई वास्तविक पुलिस मुठभेड़ नहीं, बल्कि “सुनियोजित हत्या” का मामला है। उन्होंने कहा कि घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
राजद प्रवक्ता आरोप लगाया कि पुलिस अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए एनकाउंटर की कहानी पेश कर रही है। लाइव वीडियो में स्पष्ट दिखाई पड़ रहा है कि भरत तिवारी ने अपने हाथ का पिस्टल पुलिस के सामने फेंक कर निहत्थे आत्मसमर्पण कर दिया है। जिसे पुलिस खुद मानसिक रूप से अस्वस्थ करार देता है फिर उसके एनकाउंटर का क्या औचित्य है।
भरत तिवारी का कोई अपराधिक रेकार्ड भी नहीं है। वह तो आमलोगों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाते रहा है ।पिछले दो साल से जवनिया गांव जो पूरा गंगा नदी में चला गया था उसके निदान के लिए वह अधिकारीयों से मिल मिल कर ऊब चुका था। अधिकारीयों के झूठे वादों के कारण उसका सिस्टम से विश्वास उठ चुका था। जिसकी प्रतिक्रिया ने उसे गैरकानूनी तरीके अपनाने को मजबूर कर दिया। अपनी मांगों पर ध्यान आकृष्ट कराने के लिए उसके द्वारा जो तरीके अपनाए गए उसे किसी भी रूप में सही नहीं कहा जाएगा। पर जिस प्रकार से उसकी हत्या की गई है इसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता।
