भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी केंद्र और राज्य सरकार की जन विरोधी नीतियों, बुलडोजर एवं एनकाउंटर राज्य के खिलाफ संघर्ष तेज करने का फैसला लिया है। भाकपा बिहार राज्य परिषद की बैठक 28 जून को पटना में हुई। बैठक में आंदोलन की रूप रेखा तैयार की गई। पार्टी पूरे राज्य में 06 से 15 अगस्त 2026 तक गांव-गांव पदयात्रा निकालेगी। इस यात्रा के माध्यम से केन्द्र सरकार एवं राज्य की डबल इंजन सरकार की नाकामियों से जनता को अवगत कराएगी। 01 सितंबर 2026 को दिल्ली में विशाल रैली आयोजित की जाएगी। पेपर लीक, महिला अत्याचार, दलित उत्पीड़न, श्रमिकों पर हमले, बुल्डोजर और एनकाउंटर राज के खिलाफ 15 जुलाई को बिहार राज्य किसान सभा, बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन, बिहार राज्य महिला समाज, ए.आई.वाई.एफ. (।प्ल्थ्), ए.आई.एस.एफ. (।प्ैथ्), ए.आई.टी.यू.सी. (।प्ज्न्ब्), प्रलेस, शांति-मैत्री एवं सांस्कृतिक संगठन आदि जन संगठनों के आह्वान पर पटना में आयोजित विधान सभा मार्च का भाकपा समर्थन करेगी।
केंद्र और राज्य सरकार सभी मोर्चे पर विफल हुई है, भाजपा सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में 31 बार पेपर लीक हुआ है, संवैधानिक संस्थाओं को बर्बाद कर दिया गया है, भारतीय सेना को भी नहीं छोड़ा है, ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए जवानों के संबंध में सरकार संसद में पूरी तरह झूठ बोली थी, पूरे देश में विभिन्न पार्टियों के सांसद और विधायक की खरीद-फरोख्त की जा रही है, राममंदिर अयोध्या में ढाई साल में 700 करोड़ रुपये की चढ़ावे की चोरी हो गई, चोरी के मामले में संघ परिवार को बचाया जा रहा है, केन्द्र व राज्य की सरकार पूरी तरह झूठ और लूट की सरकार है, यह दलित, अल्पसंख्यक, महिला, किसान मजदूर, छात्र, नौजवान विरोधी है।
जनादेश की अवहेलना कर बिहार में बनी भाजपा की सरकार ने जनता पर कहर ढ़ाना शुरू कर दिया है। गरीबों-भूमिहिनों-शहरी फुटपाथ दुकानदारों को जबरन उजाड़ा जा रहा है। सेटेलाइट टाऊनशीप के नाम पर बिहार के किसानों की लाखों एकड़ जमीन अडानी-अंबानी सहित अन्य कारपोरेट घरानों को दी जा रही है। महंगाई, भ्रष्टाचार, वेरोजगारी, गरीबी, पलायन एवं बढ़ते अपराध से आम लोग त्रस्त है। कहीं पुलिस द्वारा फर्जी एनकाउंटर कर आमलोगों की हत्या की जा रही है तो कहीं दलितों को मंदिर में पीट पीट कर हत्या की जा रही है।
बिहार के प्रशासनिक नौकरशाह-सत्ता संपोषित ठेकेदार तथा सफेदपोश सत्ताधारी राजनेताओं के गठजोड़ की कलई खुल रही है। रिशु श्री मामले में फंसे नौकरशाहों को बचाने की कवायद शुरू हो गई। रिशुश्री मामले की जांच सीबीआई से पटना हाईकोर्ट की देख रेख में होनी चाहिए।
बिहार के खजाने की लूट को ढ़कने का प्रयास हो रहा है। खजाना खाली होने से राज्यकर्मियों के वेतन-पेंशन के भुगतान के संकट की खबरें आ रही है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों को पेंशन नहीं मिली है। बिहार के किसान, मजदूर छात्र, नौजवान, महिलाओं तथा आम जनता परेशान तथा बदहाल है। ऐसी परिस्थिति में बिहार के विभिन्न जनसंगठनों ने 15 जुलाई, 2026 को विधान सभा के समक्ष विशाल प्रदर्शन का आह्वान किया है। संवाददाता सम्मेलन को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर गिरीश चंद्र शर्मा, राष्ट्रीय सचिव संजय कुमार, पूर्व एम.एल.सी. ने संबोधित की। प्रेस सम्मेलन में राज्य सचिवमंडल सदस्य जानकी पासवान, प्रमोद प्रभाकर, रामलाला सिंह मौजूद थे।
