परिवहन विभाग, बिहार सड़क सुरक्षा परिषद द्वारा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से मुख्यालय स्तर पर तीन दिवसीय सुरक्षित वाहन चालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयेाजन किया गया है। विश्वेश्वरैया भवन के छठे तले पर स्थित सभा कक्ष में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दो दिनों में कुल 488 वाहन चालकों (विभिन्न विभागों में कार्यरत सरकारी वाहन चालक) को सुरक्षित वाहन चालन का प्रशिक्षण दिया गया।
परिवहन सचिव श्री राज कुमार ने बताया कि सभी सरकारी एवं गैर सरकारी वाहन चालकों को सुरक्षित वाहन चालन का प्रशिक्षण देने के लिए सभी जिलों में व्यापक तौर पर कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। इसी के तहत पटना मुख्यालय स्तर पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को तीन दिनों में विभाजित किया गया है। इसमें दो दिन विभिन्न सरकारी विभागों के वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि शुक्रवार को गैर-सरकारी वाहन चालकों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के वाहन चालकों को सुरक्षित एवं जिम्मेदार वाहन चालन के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। वाहन चालकों को सड़क पर सुरक्षित व्यवहार, यातायात नियमों के पालन तथा दुर्घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में प्रशिक्षित किया गया। इसके साथ ही सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले राहवीर/गुड सेमेरिटन के बारे में बताया गया।
वाहन चालकों को विभिन्न यातायात संकेतों, सड़क चिन्हों एवं संकेतकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सड़क पर लगाए जाने वाले चेतावनी, अनिवार्य एवं सूचनात्मक संकेतों की पहचान तथा उनके अनुरूप वाहन चलाने के महत्व को समझाया गया। वाहन चालकों को बताया गया कि यातायात संकेतों का पालन केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि स्वयं तथा सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
प्रशिक्षण में सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों पर विशेष चर्चा की गई। तेज गति, लापरवाही एवं असावधानी से वाहन चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग, नशे की हालत में वाहन चलाना, सीट बेल्ट का प्रयोग नहीं करना, यातायात नियमों की अनदेखी तथा वाहन चलाते समय पर्याप्त सावधानी नहीं बरतना दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों के रूप में रेखांकित किए गए।
वाहन चालकों को सुरक्षित गति बनाए रखने, आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी रखने, लेन अनुशासन का पालन करने, मोड़ एवं चौराहों पर विशेष सावधानी बरतने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी गई।
